पोस्टर फाड़कर निकलेगा 'असली हीरो'

  • 17 सितंबर 2013
फटा पोस्टर निकला हीरो

राजकुमार संतोषी हरफनमौला निर्देशक के रूप में जाने जाते हैं. एक तरफ उन्होंने घायल, घातक, अंदाज अपना अपना और अजब प्रेम की गजब कहानी जैसी एक्शन, रोमांस और कॉमेडी से लबरेज फ़िल्में बनाई हैं तो दूसरी तरफ दामिनी और लज्जा जैसी महिला प्रधान फ़िल्में भी बनाई हैं. करीब चार साल के अंतराल के बाद संतोषी अपनी नई एक्शन-कॉमेडी 'फटा पोस्टर निकला हीरो' लेकर आ रहे हैं. बीबीसी के लिए रेखा ख़ान ने उनसे उनकी नई फ़िल्म और दूसरे कई मुद्दों पर ख़ास बातचीत की.

नई फ़िल्म में नई जोड़ी

सबसे पहले शाहिद को सेलेक्ट किया था. शाहिद को मैंने विवाह फ़िल्म में देखा था. वो मुझे पसंद आए थे. विवाह और जब वी मेट में उसने अच्छा काम किया था.

हिरोइन के बारे में हम सोच ही रहे थे तभी बर्फी रिलीज़ हुई थी. मैंने इलियाना की तेलगू फ़िल्में देखीं थीं लेकिन जब बर्फी देखी तो इलियाना बहुत पसंद आई थी.

रोल को भी इलियाना बहुत सूट कर रही थी. फ़िल्म में उसका किरदार एक ऐसी लड़की का है जो सोसाइटी में कुछ भी ग़लत होते देखती है तो पुलिस को फ़ोन कर देती है.

फ़िल्म में शाहिद ने बहुत अच्छा काम किया है. लोगों को उसका काम बहुत पसंद आएगा. ये फ़िल्म पूरी फेमली को पसंद आने वाली है. इस फ़िल्म में मां-बेटी की कहानी है. फ़िल्म का गैंगेस्टर भी फनी है. फ़िल्म के गाने भी लोग काफी पसंद कर रहे हैं.

पोस्टर के पीछे रियल हीरो

फ़िल्म का नाम फ़िल्म की कहानी के लिए बिल्कुल फिट है. कई बार ऐसा होता है कि जो पोस्टर पर होता हो वो असली हीरो नहीं होता.

असली हीरो पर्दे के पीछे होता है. जैसे मोनालिसा है नज़र आती है, लियोनार्डो दा विंची नज़र नहीं आते लेकिन उसके क्रिएटर उसके असली हीरो लियोनार्डो दा विंची हैं.

हमारी फ़िल्म में भी पोस्टर फटकर रियल हीरो बाहर आता है.

सौ करोड़ - दौ सौ करोड़

मेरी कोशिश रहती है कि फ़िल्म दर्शकों के दिल में छप जाए.

आजकल मार्केटिंग स्ट्रैटजी और रिलीज डेट जैसी कई चीजें मिलकर यह तय करती हैं कि कोई फ़िल्म कितना बिज़नेस करती हैं.

मेरे लिए फ़िल्म की रियल कामयाबी लोगों के दिल पर पड़ने वाला फ़िल्म का असर है.

1994 में अंदाज अपना अपना बनी थी लेकिन आज भी पंद्रह-सोहल साल के लड़के पूछते हैं कि अंदाज अपना अपना का सिक्वेल बना रहे हैं. घायल और दामिनी को लोग आज भी याद करते हैं.

सेट पर मजाक

शाहिद ने लंदन से एक विटामिन ड्रिंक लाकर दिया था.

ड्रिंक पीने के बाद मैंने एक्टिंग की और कहा कि मेरे पेट में बहुत दर्द हो रहा है.

यह देखकर शाहिद बहुत डर गया. वो मेरे पास आया. शाहिद कहने लगा कि राजकुमार जी ऐसा होना नहीं चाहिए था. ये तो विटामिन ड्रिंक थी.

उसकी मासूमियत देखकर मुझे हँसी आ रही थी. मैंने उसे ज़्यादा परेशान नहीं किया और मैं हँस पड़ा.

धमकी और सबक

मैं एक जबरदस्त एक्शन फ़िल्म 'पॉवर' बना रहा था. अमिताभ बच्चन, अनिल कपूर, संजय दत्त, अजय देवगन इत्यादि उसमें थे.

किसी कारण से दस दिन की शूटिंग के बाद वो पिक्चर बंद हो गई. खाकी जैसी मल्टीस्टारर फ़िल्म छह महीने में बना दी लेकिन ये फ़िल्म प्रोडक्शन वालों की वजह से बंद हो गई.

इस फ़िल्म से मुझे सबक मिला. इस फ़िल्म ने मुझे ज़िंदगी भर के लिए एक सीख है.

मुझे जान से मारने की धमकी दी गई थी. मैंने पुलिस में शिकायत कर दी. इंडस्ट्री में पहले भी कई लोगों को धमकी मिल चुकी है लेकिन वो मामले को रफा-दफा कर देते हैं. यह मामला अभी अदालत मैं है इसलिए मैं इस पर ज़्यादा नहीं बोलूँगा.

लेकिन ये सब बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है. ऐसा नहीं होना चाहिए था. मेरी कोशिश रहती है कि सभी के साथ दोस्ती के साथ ज़िंदगी कटे. फाइट और स्ट्रगल मेरे लिए आखिरी रास्ता होता है.

भाई-चारा

इंडस्ट्री में काफी कमर्शियलाइजेशन हो गया है. लेकिन सभी एक जैसे नहीं हैं.

पावर के मामले में मेरे संग जो हुआ वो मेरे लिए एक सबक है. दूध का जला छाछ भी फूंक कर पीता है.

पहले फ़ोन पर हीरो को कह दिया कि आ जाओ फ़िल्म बनाना है. कॉरपोरेट के आ जाने के बाद माहौल थोड़ा बदला है. एग्रीमेंट वगैरह ज़रूरी हो गए हैं. और ये ठीक ही है.

अगली फ़िल्म

भारत के बंटवारे पर एक फ़िल्म बना रहा हूँ. यह फ़िल्म हिन्दू-मुस्लिम संबंधों के ऊपर है.

फ़िल्म का नाम अभी तय नहीं है. अनिल कपूर इसमें मुख्य भूमिका निभाएँगे.

मेरी पहली फ़िल्म सन्नी ने प्रोड्यूस की थी. अगर हीरो सन्नी देओल को मैं सामने लेकर आया तो निर्देशक राजकुमार संतोषी को सन्नी देओल सामने लेकर आए.

जिस दिन मेरे पास अच्छी स्क्रिप्ट आई तो मैं उनके संग काम करूँगा.

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