'क्या बॉलीवुड समलैंगिक अभिनेता को स्वीकार करेगा'

  • 4 सितंबर 2013
नोलन लूइस

मिस यूनिवर्स, मिस वर्ल्ड या फिर मिस्टर यूनिवर्स प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने वालों पर बॉलीवुड की अक्सर मेहरबानी रही है.

ज़ीनत अमान से सुष्मिता सेन, ऐश्वर्या राय, लारा दत्ता और प्रियंका चोपड़ा तक सभी को बॉलीवुड ने सिर आंखों पर बिठाया है. लेकिन क्या बॉलीवुड नोलन लुइस को भी मौक़ा देगा?

हाल ही में बेल्जियम में हुई 'मिस्टर गे' प्रतियोगिता में भारत की ओर से हिस्सा लिया नोलन लुइस ने. वो इस प्रतियोगिता के आख़िरी 10 प्रतियोगियों में पहुंचने वाले पहले भारतीय हैं.

प्रतियोगिता से लौटने के बाद क्या नोलन को भी किसी फ़िल्म का ऑफ़र मिला है.

बीबीसी के इस सवाल के जवाब में नोलन कहते हैं, ''हां मुझे एक फ़िल्म का प्रस्ताव तो मिला है लेकिन ये प्रस्ताव बॉलीवुड से नहीं है बल्कि एक अंतर्राष्ट्रीय फ़िल्मकार की ओर से है. जहां तक बॉलीवुड का सवाल है, क्या बॉलीवुड ऐसे अभिनेता को काम देगा जो समलैंगिक है.''

वह अपनी बात आगे रखते हुए कहते हैं, ''ये ज़रूर है कि आज की तारीख़ में बॉलीवुड में ऐसी फ़िल्में बन रही हैं, जहां मुख्य कलाकार एक समलैंगिक की भूमिका निभाते नहीं हिचकिचाते. लेकिन क्या बॉलीवुड एक ऐसे कलाकार को मौक़ा देने के लिए तैयार है जिसके समलैंगिक होने के बारे में दुनिया जानती है? क्या बॉलीवुड एक समलैंगिक अभिनेता को स्वीकार करेगा?''

नोलन लूइस

नोलन तो यहां तक कहते हैं कि क्या बॉलीवुड में यह बात हज़म हो पाएगी कि एक समलैंगिक पुरुष एक मुख्य धारा या यूं कहिए कि एक हीरो का किरदार निभा रहा है.

बड़े पर्दे के समलैंगिक

फ़िल्म इंडस्ट्री भले एक समलैंगिक कलाकार को सहजता से न स्वीकारे लेकिन कुछ समय से सिल्वर स्क्रीन पर कई ऐसे किरदार देखने को मिले हैं जो समलैंगिक हैं.

फिर चाहे वह मधुर भंडारकर की फ़िल्म 'फ़ैशन' हो या करण जोहर की फ़िल्म 'दोस्ताना' और 'स्टूडेंट ऑफ़ द इयर'. इन सभी फ़िल्मों में समलैंगिक किरदार दिखाए तो गए हैं लेकिन बड़े ही मज़ाक़िया अंदाज़ में.

तो क्या नोलन को कभी इस बात से आपत्ति नहीं होती कि फ़िल्मों में हमेशा समलैंगिक किरदारों इसी अंदाज़ में दर्शाया जाता है?

इसके जवाब में नोलन कहते हैं, ''सिनेमा तो समाज का प्रतिबिंब है. जब तक ज़्यादा से ज़्यादा समलैंगिक पुरुष अपनी पहचान के बारे में खुलकर बात नहीं करेंगे तब तक परिस्थिति में कोई बदलाव नहीं होगा.''

अपनी बात पूरी करते हुए नोलन कहते हैं, ''दुर्भाग्य की बात ये है कि जो भी समलैंगिक पुरुष सामने आते हैं, उनका व्यवहार महिलाओं की तरह होता है. और बॉलीवुड इसी बात को पेश करता है. जब तक हम यह बात मानने के लिए तैयार नहीं होंगे कि एक बलशाली पुरुष भी एक समलैंगिक हो सकता है, तब तक कुछ नहीं बदलेगा.''

कब हुआ अहसास

नोलन को कम उम्र में ही अपने समलैंगिक होने का एहसास हो गया था. वो कहते हैं, ''आज मेरी उम्र 29 साल है. आज से दस साल पहले मुझे इस बात का अहसास हुआ कि मैं बाक़ी पुरुषों से ज़रा अलग हूं. ऐसा नहीं है कि लड़कियों के साथ मेरे कभी संबंध नहीं बने. लेकिन किसी लड़की के साथ होने के बावजूद मैं वैसा महसूस नहीं कर पता था जैसा मेरे मित्र करते थे. तब मुझे लगा कि मैं अलग हूं.''

अपनी बात पूरी करते हुए नोलन कहते हैं, ''19 साल की उम्र में पहली बार मेरे संबंध एक पुरुष से बने. तब मुझे इस बात का यक़ीन हो गया कि मैं एक समलैंगिक हूं.''

परिवार का सहयोग

नोलन लूइस

जब नोलन के परिवार को उनके समलैंगिक होने के बारे में पता चला तब क्या हुआ?

इसके जवाब में नोलन कहते हैं, ''हालांकि मेरे परिवार की सोच काफ़ी आधुनिक है लेकिन तब भी उन्हें इस बात को स्वीकार करने में थोड़ा वक़्त लगा कि उनका ख़ुद का बेटा एक समलैंगिक है. उन्होंने इस तरह के व्यवहार के बारे में काफ़ी शोध की. मुझसे कहा कि मैं किसी मनोचिकित्सक से मिलूं. लेकिन धीरे-धीरे वो यह बात समझ गए कि समलैंगिक होना कोई गुनाह नहीं है.''

एक साथी चाहिए

आज की तारीख़ में नोलन का परिवार उनके हर क़दम में उनका साथी है, लेकिन नोलन को अगर तलाश है तो वह है एक जीवन साथी की.

नोलन कहते हैं, ''मेरे रिलेशनशिप स्टेटस की अगर बात करें तो अभी मैं अकेला हूं लेकिन मैं चाहता हूं कि मैं जल्द ही अपना घर बसा लूं. मैं तो बच्चे भी गोद लेना चाहता हूं. बस एक सही साथी की तलाश है.''

तो कैसा हो नोलन का मिस्टर राइट? नोलन कहते हैं, ''मैं चाहता हूं मेरा जो साथी हो, वह मेरी ही तरह खुलकर बात करने वाला हो. वो भी मेरे ही तरह सारी दुनिया के सामने यह बात स्वीकारता हो कि वो एक समलैंगिक है. हां, मैं ये भी चाहता हूं कि वो देखने में अच्छा हो लेकिन सबसे बड़ी बात ये कि वह ईमानदार हो.''

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