प्राण ने 'शेर खान' बनने से कर दिया था मना

  • 13 जुलाई 2013
फ़िल्म ज़ंजीर का पोस्टर

अभिनेता प्राण ने यूँ तो कई किरदार निभाए लेकिन फ़िल्म ज़ंजीर में शेर ख़ान के किरदार ने उन्हें अलग ही पहचान दी. इस फ़िल्म का एक गाना 'यारी है ईमान मेरा' आज भी लोगों के लबों पर है.

अब जब वे नहीं हैं तो उनके लिए दिए जा रहे श्रद्धांजलि संदेशों में भी शेर ख़ान को बार-बार याद किया जा रहा है.

( 'यारी है ईमान मेरा' देखने के लिए यहां क्लिक करें)

लेकिन ज़ंजीर के लिए प्राण को मनाने में निर्देशक प्रकाश मेहरा को खासी मेहनत करनी पड़ी थी और शूटिंग शुरू होने से ऐन पहले प्राण ने फ़िल्म में काम करने से मना भी कर दिया था. लेकिन प्रकाश मेहरा ने एक बार फिर उन्हें मना लिया था.

फ़िल्म ज़ंजीर की रीमेक बना रहे प्रकाश मेहरा के बेटे अमित मेहरा ने प्राण के बारे में यह बातें बीबीसी से बातचीत में बताईं.

'प्राण साहब केवल अभिनेता नहीं एक संस्था '

रीमेक से खुश

अमित मेहरा ने ज़ंजीर की रीमेक पर चर्चा करने के लिए प्राण से मुलाकात की थी. उस मुलाकात को याद करते हुए अमित ने बताया, "मैंने उन्हें ज़ंजीर को दोबारा बनाने की योजना के बारे में बताया और उनसे कहा कि संजय दत्त शेर ख़ान की भूमिका करेंगे. वे यह सुनकर बहुत खुश थे और उन्होंने कहा था कि इस रोल को संजय दत्त से बेहतर और कोई कर भी नहीं पाएगा."

इस मुलाकात में ही प्राण ने अमित को याद दिलाया कि जिस साल ज़ंजीर बन रही थी उस साल ही अमित पैदा हुआ थे. उन्होंने ज़ंजीर के बारे में यादें साझा करते हुए कहा कि प्रकाश मेहरा ने उनसे कहा था कि ज़ंजीर में शेर ख़ान का रोल उनके लिए ही बना है और अगर वे फ़िल्म में काम नहीं करेंगे तो ज़ंजीर बनेगी ही नहीं.

अमित से इस मुलाकात में प्राण ने बताया, "प्रकाश मेहरा के यह बात कहने के बाद ही मैंने ज़ंजीर फिल्म के लिए हाँ की थी. और आज मैं जहाँ भी जाता हूं लोग यारी है ईमान मेरा गाना गाते हैं." क्या दादा साहेब फाल्के भारत रत्न के हक़दार हैं?

डांस से किया मना

अमित ने बीबीसी को बताया, "प्राण जी ने मुझे बताया कि किस तरह उन्हें ज़ंजीर फ़िल्म करने के लिए मनाया गया. फ़िल्म का मुहुर्त शॉट ही 'यारी है ईमान मेरा' गाने से था. यह जानकर प्राण ने मेरे पिता से कहा कि पहले तो आपने मुझे इस रोल के लिए मनाया और अब आप मुझसे डांस भी करवाएंगे, तो मैं अब यह फ़िल्म नहीं करूँगा. आख़िरकार प्राण इस शर्त पर माने कि यदि गाना उन्हें अच्छा नहीं लगा तो इसे फ़िल्म से हटा दिया जाएगा."

प्राण की मौत से दुखी अमित ने कहा,"मैं चाहता था कि उन्हें ज़ंजीर की रीमेक दिखाऊं लेकिन यह हो नहीं सका. मुझे नहीं लगता कि इंडस्ट्री में उनसे बेहतर अदाकार कोई होगा."

प्राण से मुलाकात को याद करते हुए अमित ने कहा, "जब मैं उनसे मिला तब वे काफी बीमार थे लेकिन फिर भी वे बहुत खुश होकर मिले और आशीर्वाद भी दिया. ऐसा लग ही नहीं रहा था कि वे बीमार हैं, वे बहुत ही खुशमिजाज थे. उनका जाना हम सब के लिए एक बड़ा झटका है." (बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

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