लादेन पर बनी फ़िल्म से 9/11 पीड़ित नाराज़

  • 25 फरवरी 2013

न्यूयार्क में 11 सितंबर के हमलों में मारी गई फ्लाइट अटेंडेंट के रिश्तेदारों ने फ़िल्म ‘ज़ीरो डार्क थर्टी’में उनकी आखिरी फोन कॉल की रिकॉर्डिंग का इस्तेमाल किए जाने की आलोचना की है.

‘ज़ीरो डार्क थर्टी’ में बैटी ऐन ऑग की आवाज़ का इस्तेमाल किया गया है. वो उन दोनों विमानों में से एक में थीं जो वर्ल्ड ट्रेड सेंटर से टकराए थे.

बैटी ऐन ऑग के भाई हैरी ऑग ने न्यूयॉर्क टाइम्स से कहा कि ये बेहूदा हरकत है.

ऑस्कर पुरस्कार के लिए नामांकित फ़िल्म ‘ज़ीरो डार्क थर्टी’ ओसामा बिन लादेन को खोजे जाने और मारे जाने की कहानी है.

फ़िल्म के पटकथा लेखक मार्क बोल का कहना है कि ऑग राष्ट्रीय नायक बन चुकी है.

ऑग ने अमरीकी एयरलाइंस के विमान से फोन कर अधिकारियों से लगभग 23 मिनट लंबी बातचीत की थी और उन्हें जहाज़ के अपहरण किए जाने का ब्यौरा दिया था.

बेहूदा हरकत

उसके भाई ऑग ने कहा कि वो उन पीड़ितों में शामिल हैं जिनकी आवाज़ ‘ज़ीरो डार्क थर्टी’ फ़िल्म के शुरूआत के दृश्य के दौरान सुनाई देती है. उनका कहना है कि आवाज़ की क्लिप अनुमति के बिना इस्तेमाल किया है.

ऑग ने न्यूयॉर्क टाइम्स से कहा, इस आवाज़ का इस्तेमाल करने का फैसला पूरी तरह गलत व बेहूदा है. इसका दुरुपयोग किया गया है.

उन्होंने अनुरोध किया है कि अगर ऑस्कर में पांच पुरस्कारों के लिए नामित ये फ़िल्म कोई भी पुरस्कार जीतती है तो इस बारे में एक माफ़ीनामा जरुर होना चाहिए.

उन्होंने फ़िल्म निर्माताओं से ये भी कहा है कि वो ऑग के नाम पर बनाई गई धर्मार्थ संस्था को अनुदान दें.

साथ ही इसकी वेबसाइट और डीवीडी पर एक बयान भी जारी करें कि ऑग परिवार किसी भी तरह की यातना का समर्थन नही करता है, जैसा कि फ़िल्म में दिखाया गया है.

फ़िल्म के पटकथा लेखक मार्क बोएल का कहना है कि 9/11 आयोग की घोषणा बिल्कुल सही की है.ऑग निसंदेह राष्ट्रीय नायक बन चुकी हैं.

फ़िल्म स्टूडियो सोनी और अन्नपूर्णा पिक्चर्स ने एक बयान ने कहा है फ़िल्म के निर्देशक कैथरीन बिगलो पीड़ितों के परिवारों के साथ लगातार संपर्क में हैं और उनमें से तमाम लोगों को ये फ़िल्म दिखाई भी गई है.

बयान मे कहा गया है कि फ़िल्म हमलों से प्रभावित लोगों के लिए एक सच्ची श्रद्धांजलि है.

विवादों की छाया

ज़ीरो डार्क थर्टी’रिलीज़ के बाद से ही विवादों में लगातार बनी हुई है.

ज़ीरो डार्क थर्टी को ऑस्कर में पाँच नामांकन मिले हैं लेकिन अमरीकी प्रशासन में कुछ लोग फिल्म की आलोचना कर रहे हैं.

कुछ सीनेटरों की शिकायत है कि ये फिल्म इस मिथक को बढ़ावा देती है कि प्रताड़ना कारगर साबित होती है.

ओसामा बिन लादेन को पाकिस्तान के ऐबटाबाद में ढूँढा गया था जहाँ अमरीकी नेवी सील्स ने 2011 में हमला किया था. यही फिल्म का क्लाइमेक्स भी है.