कैंडल लाइट मार्च में यक़ीन नहीं:सोनाक्षी

  • 2 जनवरी 2013
सोनाक्षी सिन्हा ने बढ़ते अपराधों के लिए फिल्मों को ज़िम्मेदार ठहराए जाने पर कड़ा एतराज़ जताया.

दबंग 2 की हीरोइन सोनाक्षी सिन्हा एक तरफ अपनी फिल्म की सफलता से खुश हैं तो दूसरी तरफ भारत में बढ़ते अपराधों के लिए बॉलीवुड को ज़िम्मेदार ठहराने की बात से थोड़ी नाराज़ भी.

पिछले दिनों दिल्ली में हुई सामूहिक बलात्कार की घटना के बाद फिल्मों में लगातार बढ़ रही हिंसा और अश्लीलता पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं.

मुंबई के एक एनजीओ में बच्चों के साथ वक्त बिताने के बाद सोनाक्षी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा "इस हादसे के बाद एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री पर उंगली उठाया जाना सही बात नहीं है. ऐसे अपराध सालों से होते आ रहे हैं. बल्कि कई फिल्मों के बाद ऐसे हादसे नहीं भी हुए हैं. ये हादसा एक व्यक्ति के गलत पालन पोषण का नतीजा है,बस ओर कुछ नहीं."

कैंडल लाइट मार्च

इस हादसे के बाद बॉलीवुड के कई कलाकारों द्वारा मुंबई में कैंडल लाइट मार्च की गई थी जिसके बारे में सोनाक्षी कहती हैं "अगर एक आवाज़ उठानी है तो हम उठा सकते हैं पर अगर वाकई में कुछ बदलाव लाना है तो वो कानून में लाना होगा.सड़क पर मार्च करने से कुछ ख़ास हासिल नहीं होगा."

सोनाक्षी का कहना है "मुझे भी इस मार्च में बुलाया गया था,पर फिर सोच में पड़ जाती हूं कि ये सब करने के बाद कितने लोग हैं जो पार्टी में नहीं जाएंगें,नया साल नहीं मनाएंगे."

गौरतलब है कि जिस कैंडल लाइट मार्च में सोनाक्षी नहीं गई उसमें दीपिका पादोकोण,रणवीर सिंह,शबाना आज़मी और जया बच्चन जैसी हस्तियां शामिल थी.

नहीं मनाया नया साल

दिल्ली में हुई इस वारदात के बाद फिल्म इंडस्ट्री में नए साल का जश्न भी कम हुआ जिस पर सोनाक्षी कहती हैं "मुझे अच्छा नहीं लगा इसलिए मैंने नया साल नहीं मनाया.पर अगर कोई मनाता है तो आप उसे रोक नहीं सकते.ये तो नैतिक मूल्यों की बात है,नहीं मन हो रहा है तो मत मनाइए."

सोनाक्षी के अलावा बॉलीवुड की कई हस्तियों ने इस घटना पर दुख प्रकट किया और कानून में सख्त परिवर्तन लाने की बात भी कही.

अभिनेता अमिताभ बच्चन ने बलात्कार पीड़िता पर एक कविता भी अपने ब्लॉग पर पोस्ट की थी.

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