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ब्रैड पिट ने माना,मंदी में हुई जेब ढीली

 बुधवार, 12 सितंबर, 2012 को 12:29 IST तक के समाचार

ऐसा नहीं है कि सिर्फ आम लोगों पर ही मंदी की मार पड़ती है, हॉलीवुड के सितारों पर भी मंदी की मार पड़ी हैं और अब उन्हें समझौता करते हुए कम पैसे में फ़िल्में करनी पड़ती हैं.

मशहूर हॉलीवुड अभिनेता ब्रैड पिट का कहना हैं कि अभिनेताओं को लाखों- करोड़ों डॉलर मिलने का वक्त खत्म हो चुका है.

जब ब्रैड पिट से पूछा गया कि क्या अभिनेताओं के लिए अब भी संभव है कि वो 10 मिलियन डॉलर से ज्यादा की मांग कर सकें.

इस सवाल के जवाब में ब्रैड पिट ने हंसते हुए कहा, “वो दौर खत्म हो चुका है. अब उस तरह की तनख्वाह काम नहीं करती. उस तरह के अनुबंध आजकल नहीं होते.”

ब्रैड पिट उन हॉलीवुड अभिनेताओं में से हैं जो कि सबसे ज्यादा पैसा पाने वाले की सूची में शामिल रहे हैं.

फ़ोर्ब्स पत्रिका की सूची में टॉम क्रूज़ 2012 में सबसे ज्यादा पैसा कमाने वाले अभिनेता रहे, जिनकी अनुमानित सालाना आमदनी 75 मिलियन डॉलर रही. जबकि अनुमान लगाया गया कि ब्रैड पिट ने 25 मिलियन डॉलर कमाए.

"आप किरदार की जगह किरदार को चुनते हैं और बाकि रहा पैसा तो आपको वैसे ही समझौता करना होता हैं जैसे बाकि लोग करते हैं."

ब्रैड पिट, हॉलीवुड अभिनेता

तो हॉलीवुड की स्थिति क्या है, ब्रैड पिट कहते हैं, “ये बड़ा दिलचस्प दौर है, बड़े-बड़े हॉलीवुड स्टूडियो को बदलते आर्थिक मंदी के माहौल में चुनौती मिल रही है. अब वो ऐसी बड़ी फ़िल्मों पर दाँव लगा रहे हैं जिसके मुनाफे से बाकी छोटी फ़िल्मों के खर्चों की भरपाई की जा सके. इससे बाकी छोटी फ़िल्मों के लिए भी जगह बन रही है.”

ब्रैड पिट के ऐक्टिंग करियर में ऑस्कर नामांकित मनीबॉल से लेकर बच्चों की एनिमेशन फ़िल्म हैप्पी फीट-2 भी शामिल है. ब्रैड पिट कहते हैं, “आप अपना किरदार चुनते हैं और बाकी रहा पैसा तो आपको वैसे ही समझौता करना होता है जैसे बाकी लोग करते हैं.”

करोड़ों कमाने का मौका

हालांकि अभी भी रास्ते हैं जिनसे अभिनेता करोड़ों कमा सकते हैं, यदि आप शुरू में कम तनख्वाह लेने के लिए तैयार हो जाएं और बाद में मुनाफे से अपना हिस्सा लें.

ये मॉडल भी तभी काम करता है जब वो फ़िल्म एक बड़ी हिट हो.

फ़िल्म एना करैनीना में काम कर रहे अभिनेता ज्यूड़ लॉ कहते हैं कि उन्होंने कभी भी 20 मिलियन डॉलर की मांग नहीं की, “मेरी कभी भी ऐसी सोच नहीं रही है.”

वो स्वीकारते हैं कि उन्होंने पहले तनख्वाह बढ़ाने की मांग की थी लेकिन उस हद तक नहीं जितना आप अनुमान लगा रहे हैं.

ज्यूड कहते हैं, “कुछ फ़िल्मों को मना करने का तरीका होता है कि आप अपनी तनख्वाह बढ़ाते जाएँ और अंत में वो कहते हैं कि वो इतना पैसा नहीं दे सकते.”

जहाँ तक ब्रिटेन में फ़िल्मों का सवाल है पिछले साल थिंकर, टेलर और स्पाई जैसी फ़िल्मों को 20 मिलियन पांउड की लागत से बनाया गया और 80 मिलियन पाउंड कमाए.

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