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फिर चलेगा अमिताभ के 'केबीसी' का जादू?

 शुक्रवार, 7 सितंबर, 2012 को 15:14 IST तक के समाचार
अमिताभ बच्चन

भारत में कौन बनेगा करोड़पति की शुरुआत 2000 में हुई थी

शुक्रवार की शाम टीवी दर्शकों के लिए कुछ खास है क्योंकि अमिताभ बच्चन 'कौन बनेगा करोडपति' का छठा सीज़न शुरू करने जा रहे हैं.

केबीसी के निर्माता दावा करते हैं कि ये एक ऐसा गेम शो है जो लोगों को करोड़पति तो बनाता ही है साथ ही इस शो के ज़रिए अमिताभ बच्चन समाज के हर वर्ग से जुड़ने की कोशिश भी करते हैं.

कई बार वे इस दौरान कुछ गंभीर मुद्दों को भी छेड़ देते हैं. शो से संबंधित एक प्रेस वार्ता में अमिताभ ने औरतों का पक्ष लेते हुए कहा कि हर महिला को उसका हक मिलना चाहिए.

औरतों के हक की बात तो अमिताभ ने कर ली लेकिन क्या कुछ और गंभीर मुद्दों पर भी वो चर्चा करेंगे?

इस सवाल का जवाब देते हुए अमिताभ कहते हैं, ''ये तो प्रतियोगी पर निर्भर करता है. वो किन परिस्थितियों से आते हैं, उनकी कहानी क्या है. किन बाधाओं को पार कर वो यहां तक पहुंचे हैं. अगर उनकी बातों से ऐसा लगता है कि समाज ने उनके साथ कोई अन्याय किया है तो हम उस पर चर्चा करते हैं.''

"मेरे साथ जो हुआ उस हिसाब से देखें तो ये बात एकदम सही है. केबीसी के परिपेक्ष में भी ये बात फिट है क्योंकि हॉट सीट पर बैठे एक प्रतियोगी का ज्ञान ही उसे जिता सकता है. उसके पास जितना ज्ञान होगा वो उतना ही धन अर्जित कर पाएगा."

सुशील कुमार

अमिताभ आगे कहते हैं, ''हमें जो बात अच्छी लगती है वो ये कि जो भी प्रतियोगी शो पर आते हैं उनमें से कई लोग तो कठिन परिस्थितियों से गुजरे होते हैं. सामाजिक और पारिवारिक दबावों से निकल कर वो अपने हक को साबित करते हैं.''

वो कहते हैं, ''महिलाओं का जिक्र मैं इसलिए भी करता हूं क्योंकि ऐसा लगता तो है कि महिलाओं के खिलाफ खासा अत्याचार होता है. उन पर समाज और परिवार का दबाव हमेशा ही रहता है. खासतौर पर छोटे शहरों में और गांव में जितने लोग रहते हैं वहां चाहे दहेज का मामला हो या फिर शिक्षा का, अनेक लोग तो अपनी बेटियों को आगे पढ़ने ही नहीं देते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि बेटी की पढ़ाई पर पैसा जाया हो रहा है. मुझे ये सोच बहुत ही अश्लील लगती है. स्त्री इस देश की जनसंख्या की आधी शक्ति है देश की उसे उसका अधिकार, उसका हक दिलाना चाहिए.''

क्या कहते हैं सुशील कुमार?

जहाँ तक बात हक की है तो इस बार केबीसी की टैग लाइन ही है कि 'आपका ज्ञान ही आपको आपका हक दिलाता है'. भले ही ये टैग लाइन इस सीज़न की हो लेकिन केबीसी पांच के विजेता सुशील कुमार इस बात से पूरी तरह से इत्तेफाक रखते हैं.

सुशील ने इस गेम शो में पांच करोड़ रुपए की राशि जीती है. केबीसी के इतिहास में इतनी बड़ी राशि जीतने वाले वो एकमात्र प्रतियोगी हैं.

बीबीसी से बात करते हुए सुशील कहते हैं, ''मेरे साथ जो हुआ उस हिसाब से देखें तो ये बात सही है. केबीसी के परिपेक्ष में भी ये बात फिट है क्योंकि हॉट सीट पर बैठे एक प्रतियोगी का ज्ञान ही उसे जिता सकता है.''

सुशील कुमार मोतिहारी के रहनेवाले हैं. वो कहते हैं कि इस बार भी मोतीहारी से कई लोगों ने केबीसी के लिए ऑडिशन दिया है और अकसर लोग उनके पास टिप्स लेने आते रहते हैं.

कई पर्यवेक्षकों का मानना है कि केबीसी और सत्यमेव जयते जैसे कार्यक्रमों से छोटे परदे का चेहरा बदल रहा है.

सत्यमेव जयते के जरिए आमिर खान ने समाज से जुड़े कई ऐसे मुद्दों को उठाया है जो भारतीय समाज की असलियत को दर्शाते हैं.

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