BBC navigation

प्लेब्वॉय का ऑफ़र ठुकरा दिया: वीना मलिक

 शुक्रवार, 3 अगस्त, 2012 को 08:20 IST तक के समाचार
वीना मलिक

वीना मलिक पिछले दिनों एक पाकिस्तानी रियालिटी शो को लेकर विवादों में घिर गईं थीं

विवादित पाकिस्तानी अभिनेत्री वीना मलिक का कहना है कि एफ़एचएम पत्रिका के लिए वो निर्वस्त्र नहीं हुईं थीं और तस्वीरों से बाद में छेड़छाड़ करके उन्हें ऐसा दिखाया गया.

वो कहती हैं कि इसके लिए उन्होंने पत्रिका पर मुक़दमा कर दिया है.

उनका कहना है कि वयस्क पुरुषों की मशहूर अमरीकी पत्रिका 'प्लेब्वॉय' ने उन्हें कवर पेज के लिए निर्वस्त्र फ़ोटो खिंचवाने का प्रस्ताव दिया था लेकिन 'अपनी ज़मीर की आवाज़' सुनने के बाद उन्होंने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया.

बीबीसी हिंदी के दिल्ली कार्यालय में फ़ेसबुक चैट में हिस्सा लेते हुए उन्होंने सवालों के जवाब दिए. उन्होंने कहा कि वे एक अभिनेत्री और मुसलमान दोनों हैं और वे दोनों के बीच तालमेल बनाकर चलती हैं.

लड़की होने का दर्द

उनसे एक सवाल पूछा गया था कि क्या एक लड़की के लिए एक इस्लामी मुल्क में पैदा होना और वहाँ एक्टर बनने के ख्वाब देखना ज़्यादा मुश्किल काम है?

"मुझसे किसी ने एक बार पूछा कि क्या आप प्लेब्वॉय मैगज़ीन के लिए न्यूड पोज करेंगी. मैंने जवाब दिया कि जब प्लेब्वॉय से ऑफर आएगा तो सोचूँगी. लेकिन जब प्लेब्वॉय से ऑफर आया तो मैंने खुद से सवाल किया कि क्या ये ठीक होगा? मेरे ज़मीर ने इसकी इजाज़त नहीं दी तो मैंने इनकार कर दिया. मैं अपनी हदें अपने ज़मीर के मुताबिक तय करती हूँ, इस बिनाह पर नहीं कि कोई मॉरल ब्रिगेड क्या कह रही है"

वीना मलिक

इस पर उन्होंने कहा, "ऐसा नहीं है कि कल मैंने जो सोचा वो आज हो गया. ज्वालामुखी फटता है तो उसके पीछे सदियों की प्रक्रिया होती है. मुझे बचपन से संघर्ष करना पड़ा है. बचपन में हमें लड़के तंग करते थे तो माँ-बाप करते थे- लड़के तो तंग करेंगे ही, तुम बुरका पहनो. चौदह साल की उम्र में मेरे अब्बा ने कहा तुम्हारी बहिनों की शादी हो चुकी है, अब तुम भी शादी करो. मैंने इनकार कर दिया. मैंने पहले घर से बाहर निकलने की जद्दोजहद की, फिर समाज से बाहर आने के लिए संघर्ष किया और फिर मुल्क से बाहर आने के लिए."

वीना मलिक का कहना था, "आज मैं वो लड़की नहीं हूँ जो मैं आठ दस साल पहले थी, जिस पर दबाव डाला जा सकता था. मेरे लिए ये स्ट्रगल अभी ख़त्म नहीं हुआ है और मुझे अंतिम साँस तक ये फेस करना पड़ेगा."

इस पर उनसे पूछा गया कि क्या अपना लिबास और तौर-तरीक़ा इसलिए अपनाया है क्योंकि वो उस पूरी व्यवस्था से विद्रोह करना चाहती हैं या खुद को विद्रोही के तौर पर दिखाना चाहती हैं? इस पर उन्होंने कहा, "जिन चीजों पर मैं यकीन करती हूँ मैं उन पर अड़ी रहती हूँ. अगर आप बाग़ी के तौर पर मुझे टैग करना चाहें तो कर लें. मैंने अब भी तमाम हदों को नहीं तोड़ा है."

पत्रिका पर मुक़दमा

प्लेब्वॉय का प्रस्ताव ठुकराने का क़िस्सा सुनाते हुए उन्होंने कहा, "मुझसे किसी ने एक बार पूछा कि क्या आप प्लेब्वॉय मैगज़ीन के लिए न्यूड पोज करेंगी. मैंने जवाब दिया कि जब प्लेब्वॉय से ऑफर आएगा तो सोचूँगी. लेकिन जब प्लेब्वॉय से ऑफर आया तो मैंने खुद से सवाल किया कि क्या ये ठीक होगा? मेरे ज़मीर ने इसकी इजाज़त नहीं दी तो मैंने इनकार कर दिया. मैं अपनी हदें अपने ज़मीर के मुताबिक तय करती हूँ, इस बिनाह पर नहीं कि कोई मॉरल ब्रिगेड क्या कह रही है."

वीना मलिक

वीना मलिक का दावा है कि उन्होंने इस तस्वीर के लिए कपड़े नहीं उतारे थे

उनका कहना है कि उन्होंने एफ़एचएम के लिए कपड़े नहीं उतारे थे और पत्रिका ने बाद में उनसे छेड़छाड़ कर ऐसा दिखा दिया. उनका कहना है कि इसके लिए उन्होंने पत्रिका पर मुक़दमा दर्ज कर रखा है.

अपने शरीर पर आईएसआई लिखवाने पर सफ़ाई देते हुए कहा कि उन्हें कहा गया था कि इसका पाकिस्तान के आईएसआई से कोई लेना देना नही् है और ये कोई भारतीय कंपनी है.

हिंदुस्तान की आबोहवा में साँस लेने में आज़ादी के सवाल पर वीना मलिक ने कहा कि जब उन्होंने बिग बॉस में हिस्सा लिया तो उन्हें खतरनाक नतीजों की धमकी दी गई थी.

वे बताती हैं कि जब वे 'डर्टी पिक्चर' के कन्नड़ संस्करण पर काम कर रही थीं तो पाकिस्तान की एक एक्स्ट्रीम जमात ने उन्हें धमकी दी.

वे कहती हैं, "मुझे ये धमकियाँ इसलिए नहीं मिल रहीं कि मैं एक्टर हूँ बल्कि इसलिए मिल रही हैं क्योंकि मैं एक लड़की हूँ. ये धमकियाँ मुझे ही क्यों दी जाती हैं. अली ज़फर या आतिफ असलम के खिलाफ तो ऐसा कभी नहीं हुआ. हमारे समाज में लड़की होना जुर्म है जिसे मैं फेस कर रही हूँ. मेरे लिए अपनी जगह बनाना कोई बहुत आसान नहीं है. जहाँ तक हिंदुस्तान का सवाल है तो वो मेरी मंजिल नहीं, मेरी मंजिल का रास्ता हो सकता है."

अच्छा मुसलमान होने के सवाल पर वो कहती हैं, "आप अच्छा मुसलमान किसे कहते हैं? इस्लाम में दो चीज़ें हैं, एक इस्लाम हुकूक-ए- इबादत और दूसरा हुकुक-ए-अल्लाह. जहाँ तक हुकूक-ए-इबादत का सवाल है, तो मैंने जानबूझ कर आज तक किसी इंसान का बुरा नहीं किया. दूसरा मैं नमाज़ पढ़ती हूँ, रोज़े रखती हूँ या नहीं ये मेरे और मेरे खुदा के बीच की बात है, उससे कोई मॉरल पुलिस जज नहीं कर सकता. तो आप तय करें कि मैं कैसी और कितनी मुसलमान हूँ."

भारत और पाकिस्तान के रिश्तों के बारे में हुए एक सवाल पर उन्होंने कहा कि अब तक तो क्रिकेट और मनोरंजन ने दोनों देशों को जोड़ रखा था लेकिन आर्थिक विकास और समृद्धि की इच्छा अब दोनों देशों की युवा पीढ़ी को जोड़ेगी.

इससे जुड़ी और सामग्रियाँ

इसी विषय पर और पढ़ें

BBC © 2014 बाहरी वेबसाइटों की विषय सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है.

यदि आप अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करते हुए इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरूप कर लें तो आप इस पेज को ठीक तरह से देख सकेंगे. अपने मौजूदा ब्राउज़र की मदद से यदि आप इस पेज की सामग्री देख भी पा रहे हैं तो भी इस पेज को पूरा नहीं देख सकेंगे. कृपया अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करने या फिर संभव हो तो इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरुप बनाने पर विचार करें.