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शाहरुख के लंबू अंकल !

 गुरुवार, 28 जून, 2012 को 05:03 IST तक के समाचार

अगर कोई आप से पूछे कि बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन और बॉलीवुड के किंग शाहरुख खान की पहली मुलाकात कब हुई होगी, तो आपका जवाब क्या होगा.

सोचिए-सोचिए, चलिए छोडिए, खुद शाहरुख खान ने अमिताभ बच्चन से उनकी पहली मुलाकात, अमिताभ से मिली सीख और अमिताभ से जुडे वाकयों को बीबीसी से साझा किया.

शाहरुख खान पिछले दिनों ही बीबीसी एशियन नेटवर्क के लिए रेडियो जॉकी की भूमिका निभाते दिखाई दिए. इस मौके पर उन्होंने अमिताभ से जुडी यादे कुछ यूं बयां की.

" हम अमिताभ अंकल का इंतजार किया करते थे क्योंकि वो हमें टॉफी दिया करते थे. उस वक्त हम उन्हें लंबू अकंल कहा करते थे"

शाहरुख खान

अमिताभ के साथ अपनी पहली मुलाकात के बारे में याद करते हुए शाहरुख कहते हैं, “जब मैं बच्चा था तो मैं बैंगलौर में छुट्टियां मनाया करता था. महूमूद साहब हमारे नजदीकी दोस्त हुआ करते थे और बैंगलोर के घर के साथ रहते थे. महमूद साहब के घर अमिताभ बच्चन आया करते और अकसर हमारे घर भी आ जाया करते थे.”

बचपन की मुलाकात के बारे में और बताते हुए शाहरुख कहते हैं, “अमिताभ बच्चन उस वक्त एक नए कलाकार थे और वो हमें टॉफी दिया करते थे. मुझे नहीं लगता कि उन्हें ये याद होगा क्योंकि वो कुछ अनजान से बच्चों से मिल रहे थे. हम उनका इंतजार करते थे क्योंकि वो हमें टॉफी दिया करते थे. उस वक्त हम उन्हें लंबू अकंल कहा करते थे.”

इतना ही नहीं शाहरुख ने बचपन में ही बच्चन साहब की फ़िल्म शूटिंग भी देखी थी.

उस अनुभव को साझा करते हुए शाहरुख कहते हैं,“मैंने बांबे टू गोआ फ़िल्म की शूटिंग देखी थी. शूटिंग के दौरान अरुणा ईरानी जी को अमिताभ बच्चन को साथ काम करते देखना बहुत दिलचस्ब था क्योंकि अरुणा ईरानी जी इतनी लंबी नहीं थी और अमिताभ अंकल बहुत लंबे हुआ करते थे. अरुणा ईरानी को अमिताभ बच्चन के फ्रेम में लाने के लिए बॉक्स पर खड़ा किया गया था और वो देखना मुझे बहुत अजीब लगा था.”

शाहरुख कहते हैं कि वो बचपन में अमिताभ बच्चन के लुक में आने की कोशिश करते थे.

"अंग्रेजी में एक कहावत हैं कि अच्छी चीजें लंबे समय तक नहीं चलती लेकिन अमिताभ बच्चन इस कहावत के ठीक विपरीत चलते जा रहे हैं और वो बहुत अच्छे हैं. अमिताभ बच्च्न वो अच्छी चीज़ हैं जो चले जा रहे हैं चले जा रहे हैं"

शाहरुख खान

शाहरुख मानते हैं कि अमिताभ बच्चन का उनके जीवन पर सत्तर के दशक से ही असर हैं और अमिताभ बच्चन की महानता को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता.

शाहरुख कहते हैं कि मैंने यही सीखा है कि लोग महान सिर्फ टेलेंट से नहीं होते बल्कि लगातार मेहनत करने औऱ ये भरोसा करने से होते हैं कि वो कुछ और बेहतर कर सकते हैं.

अमिताभ बच्चन से मिली सीख बताते हुए शाहरुख कहते हैं, “अमिताभ जी ने मुझे एक बार कहा था कि हमें फ़िल्म का हर शॉट ऐसे देना चाहिए कि जैसे वो फ़िल्म का पहला शॉट हो और यही शॉट वो आखिरी शॉट भी हो जो आप देना चाहते हों”

शाहरुख कहते हैं कि अंग्रेजी में एक कहावत हैं कि अच्छी चीजें लंबे समय तक नहीं चलती लेकिन अमिताभ बच्चन इस कहावत के ठीक विपरीत चलते जा रहे हैं और वो बहुत अच्छे हैं. अमिताभ बच्च्न वो अच्छी चीज़ हैं जो चले जा रहे हैं चले जा रहे हैं

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