
सैफ अली खान ने माना है कि वे इस मामले को दूसरे तरीके से निपटा सकते थे
एक व्यावसायी और उनसे ससुर को पीटने के आरोप में बॉलीवुड स्टार सैफ अली खान और उनके दो साथियों को गिरफ़्तार करने के बाद जमानत दे दी गई है.
मुंबई के जिस थाने में इस व्यावसायी इकबाल मीर शर्मा ने रिपोर्ट दर्ज करवाई थी वहाँ सैफ अली खान अपने दोनो साथियों के साथ उपस्थित हुए. जहाँ तीन-तीन हजार रुपए के निजी मुचलके पर तीनों को जमानत दे दी गई.
थाने से निकलने के बाद सैफ अली खान ने कहा है कि इस व्यावसायी ने पहले अभद्रता की थी और उन पर पहले हमला किया था, जिसके बाद आत्मरक्षा में उन्होंने पलटवार किया.
उनका कहना है कि उन्होंने भी अपनी ओर से थाने में शिकायत दर्ज करवाई है.
उनकी ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि वे एक जिम्मेदार और कानून का पालन करने वाले नागरिक हैं.
सैफ पर आरोप

इकबाल मीर शर्मा का कहना है कि सैफ और उनके साथी गाली गलौज कर रहे थे
ये घटना मंगलवार रात को ताज होटल के एक रेस्तरां में हुई है.
इस रेस्तरां में सैफ़ अली ख़ान अपनी महिला मित्र करीना कपूर, अभिनेत्री अमृता अरोरा खान, उनके पति शकील लदाक और बिलाल अमरोही के साथ खाना खाने गए हुए थे.
इकबाल शर्मा ने टीवी चैनलों से हुई बातचीत में कहा है कि सैफ अली खान और उनके साथी रेस्तरां में पहले तो जोर-जोर से बातचीत कर रहे थे जब मना करने पर भी वे नहीं माने तो उन्होंने (इकबाल शर्मा ने) रेस्तराँ के दूसरे हिस्से में जाने का फैसला किया.
इकबाल मीर शर्मा का कहना है कि जब वे रेस्तरां के उस हॉल से निकल रहे थे तभी दरवाजे पर सैफ अली खान और उनके साथियों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया, उन्हें अपशब्द कहे, इसके बाद उनकी और उनके 68 वर्षीय ससुर की पिटाई कर दी.
अपनी नाक पर पट्टी बाँधे दिख रहे इकबाल शर्मा का कहना है कि उनकी नाक टूट गई है और चेहरे में कई और जगह चोटें आईं हैं.
इकबाल शर्मा के ससुर का कहना है कि सैफ अली और उनके साथियों ने उन्हें भी पीटा और धक्का देकर गिरा दिया.
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने पत्रकारों को बताया, झगड़ा तब शुरू हुआ जब सैफ़ अली ख़ान के साथ वाले टेबल पर बैठे व्यवसायी इकबाल शर्मा ने उन्हें शोर कम करने के लिए कहा.
सैफ की सफाई
सैफ अली खान ने अपनी जमानत के बाद अपने निवास पर पत्रकारों से हुई बातचीत में कहा कि जो कुछ इकबाल शर्मा ने टीवी चैनलों को बताया है वह एकतरफा और गलत है.
"मैं ये नहीं कह रहा हूँ कि मेरी कोई गलती नहीं है, मैं दूसरे ढंग से प्रतिक्रिया व्यक्त कर सकता था और मैं गांधीवादी तरीका अपना सकता था लेकिन मैंने वही किया जो कोई भद्र पुरुष उस वक्त करता"
सैफ अली खान
उनका कहना है कि उस व्यक्ति ने पहले महिलाओं पर टिप्पणियाँ की थीं और उनके (सैफ और उनके साथियों के) साथ अभद्रता की थी.
सैफ ने पत्रकारों को बताया, "जब हम खाना खा रहे थे और आपस में बात कर रहे थे तो उन लोगों ने हमें शोर न करने के लिए कहा था तब मैंने कहा था कि वह कोई लाइब्रेरी नहीं है इसलिए अगर उन्हें शोर नहीं चाहिए तो वे किसी लाइब्रेरी में जाकर बैठें."
उन्होंने कहा, "मेरा मतलब यही था कि रात को बारह बजे के बाद किसी रेस्तरां की टेबल पर बैठकर बात करने में कुछ ग़लत नहीं है."
उनका कहना था, "उन लोगों ने पहले तो गाली गलौच की और फिर उन बुजुर्ग व्यक्ति ने पहले मुझ पर हमला किया था."
ये पूछे जाने पर कि क्या उनकी कोई गलती नहीं थी, सैफ ने कहा, "मैं ये नहीं कह रहा हूँ कि मेरी कोई गलती नहीं है, मैं दूसरे ढंग से प्रतिक्रिया व्यक्त कर सकता था और मैं गांधीवादी तरीका अपना सकता था लेकिन मैंने वही किया जो कोई भद्र पुरुष उस वक्त करता."
सैफ अली खान ने एक सवाल के जवाब में कहा कि वे दिन भर पुलिस से भाग नहीं रहे थे बल्कि वे अपना काम निपटा रहे थे क्योंकि उन्हें लगा कि रात जो कुछ हुआ वह खत्म हो गया है.
उन्होंने बताया कि अपनी ओर से उन्होने भी पुलिस में शिकायत दर्ज करवा दी है. उनका कहना है कि उन्हें पुलिस और अदालत पर पूरा भरोसा है और वे मानते हैं कि उन्हें अदालत से न्याय मिलेगा.
उनकी ओर से जारी एक बयान में ये भी कहा गया है कि रेस्तरां में यदि सीसीटीवी होगा तो उसके फुटेज से भी सही बात सामने आ जाएगी.
उन्होंने मीडिया को भी खबर के दूसरे पहलू को प्रकाशित करने का अनुरोध करते हुए उनसे संतुलन की अपील की.
सैफ़ अली ख़ान के खिलाफ पिटाई का ये दूसरा मामला है. साल 2008 में उनपर एक पत्रकार की पिटाई का आरोप लगा था.
सैफ़ अली ख़ान ने करीब 40 फ़िल्मों में काम किया है. उनकी अगली फ़िल्म ‘एजेंट विनोद’ 23 मार्च को रिलीज़ हो रही है.
सैफ़ अली ख़ान भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान मंसूर अली ख़ान पटौदी और अभिनेत्री शर्मीला टैगोर के पुत्र हैं.























