
अगर कोई आपको एक सच्ची कहानी सुनाए और कहे कि ये कहानी उस एथलीट की है जो डैकत बन गया, तो क्या आप ये कहानी सुनना चाहेंगे.
अभिनेता इरफान खान की आनेवाली फ़िल्म ‘पान सिंह तोमर’ एक ऐसी ही कहानी हैं
इरफान कहते हैं कि जब पहली बार निर्देशक थिगमांशु धूलिया ने कहानी की ये दो लाइन सुनाई तभी उन्होंने फैसला कर लिया था कि वो ये फ़िल्म करेंगे.
इरफान कहते हैं, जब आपको ये दो लाइन सुनाई जाएगी तो आपके मन में सवाल उठेंगे कि कैसे एक एथलीट डैकत बन गया और यही सवाल मेरे मन में भी था.
"ये फ़िल्म भावनात्म फ़िल्म हैं जिसमें एक्शन है. ये फ़िल्म ऐसी है जो अभी तक डकैतों के बारे में नहीं बनी है."
इरफान खान, बॉलीवुड अभिनेता
पान सिंह तोमर के बारे में इरफान कहते हैं, पान सिंह तोमर भारतीय सेना का जवान था, जिसने 3000 मीटर स्टेप्ल चेज़ रेस का रिकार्ड तोड़ा, जो सात साल तक राष्ट्रीय रिकार्डधारी रहा और वो बाद में एक डैकत बन गया.
इरफान कहते हैं कि ये सच्ची कहानी हैं लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि ये बहुत नकारात्मक कहानी है. ये बड़ी ही दिलचस्ब कहानी है. इरफान कहते हैं, ये फ़िल्म भावनात्म फ़िल्म हैं जिसमें एक्शन है.ये फ़िल्म ऐसी है जो अभी तक डकैतों के बारे में नहीं बनी है.
इस फ़िल्म में इरफान खान के साथ देहाती किरदार में अभिनेत्री माही गिल नज़र आएंगी.
फ़िल्म के ट्रेलर में एक डॉयलॉग है बीहड़ में तो बागी होते हैं, डकैत तो पार्लियामेंट में होते हैं.
सेंसर बोर्ड से इस डॉयलॉग समेत ट्रेलर पास होने पर इरफान खुश हैं.
इरफान कहते हैं,वक्त के साथ सेंसर बोर्ड भी बदल रहा है. एक वक्त था जब सेंसर बोर्ड ‘साली’शब्द को भी सेंसर कर देता था. सेंसर के रवैये में ये बदलाव स्वागत योग्य है.
फ़िल्म ‘पान सिंह तोमर’ 2 मार्च को रिलीज़ हो रही है.
इससे पहले थिगमांशु धूलिया निर्देशित फ़िल्म ‘साहिब बीवी और गैंगस्टर’ भी दर्शकों को प्रभावित करने में कामयाब रही थी.























