‘हम अब भी बचकानी फ़िल्में बनाते हैं’

फ़िल्ममेकर अनुराग कश्यप

अनुराग कश्यप मानते हैं कि बॉलीवुड में अब भी बचकानी फ़िल्म बनती हैं.

फ़िल्ममेकर अनुराग कश्यप मानते हैं कि बॉलीवुड में आज भी विश्व स्तरीय फ़िल्में नहीं बनती़ हैं.

अनुराग कहते हैं, “हम लोगों को अपनी फ़िल्म बनाने का स्तर ऊंचा करना पड़ेगा. हम अब भी बहुत बचकानी फ़िल्में बनाते हैं. आप भले ही कॉमेडी या ऐक्शन या फिर कोई और फ़िल्म बनाएं, लेकिन वो और भी बेहतर हो सकती हैं.”

ब्लैक फ़्राइडे, देव डी, गुलाल, और नो स्मोकिंग जैसी फ़िल्मों के निर्देशक और उड़ान और आमिर जैसी फ़िल्मों के निर्माता, अनुराग, ये भी मानते हैं कि आज दर्शक बदल गए हैं. इसलिए फ़िल्ममेकर्स को भी बदलना ज़रूरी है.

अनुराग कश्यप ने ये बात हाल ही में मुम्बई में ‘वर्ल्ड सिनेमा डे’ के अवसर पर कही. उन्होंने कहा, “मैं वर्ल्ड सिनेमा ही देखता हूं. उसे देख कर ही मैं फ़िल्ममेकर बना हूं.”

हम लोगों को अपनी फ़िल्म बनाने का स्तर ऊंचा करना पड़ेगा. हम अब भी बहुत बचकानी फ़िल्में बनाते हैं. आप भले ही कॉमेडी या ऐक्शन या फिर कोई और फ़िल्म बनाएं, लेकिन वो और भी बेहतर हो सकती हैं.

फ़िल्ममेकर अनुराग कश्यप

ऐक्टर अनुराग

2007 में आई फ़िल्म ब्लैक फ़्राइडे में एक रोल कर चुके अनुराग जल्द ही कुछ और फ़िल्मों में बतौर ऐक्टर नज़र आएंगे.

इनमें जल्द रिलीज़ हो रही निर्देशक ओनिर की फ़िल्म ‘आई एम’ और निर्देशक तिगमांशु धूलिया की फ़िल्म ‘शागिर्द’ शामिल हैं.

अपनी ऐक्टिंग प्रतिभा के बारे में अनुराग कहते हैं, “हां, मैंने ‘शागिर्द’ में ऐक्टिंग की है. ये बहुत अच्छा अनुभव था. तिगमांशु धूलिया बहुत बढ़िया निर्देशक हैं, वो किसी से भी ऐक्टिंग करा सकते हैं, मुझसे भी उन्होंने ऐक्टिंग करवा ली. अब दर्शकों को ये फ़ैसला करना है कि मुझे ऐक्टिंग करनी चाहिए या नहीं.”

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