हीरो लड़कियों की तरह लड़ते हैं: शाहरुख़

शाहरुख़ खान

शाहरुख़ कहते हैं कि ऐसा नहीं है कि बॉलीवुड में हर दिन होते हैं झगड़े

बॉलीवुड के बादशाह कहलाने वाले अभिनेता शाहरुख़ खान का कहना है कि जब उन्होंने हिंदी सिनेमा जगत में कदम रखा था तब अभिनेत्रियां आपस में लड़ती झगड़ती थी, लेकिन अब वक़्त बदल गया है. अब अभिनेता भी आपस में तू तू मैं मैं करते हैं.

शाहरुख़ कहते हैं कि जब आप इंडस्ट्री में इतने सालों से होते हैं तो आप अपनी एक सोच बना लेते हैं और ज़रूरी नहीं है कि आपकी और दूसरे अभिनेताओं की सोच एक जैसी हो. और कई बार इसी फर्क की वजह से दो लोगों में मनमुटाव हो जाता है. लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि वो एक दूसरे के बारे में बुरा सोचते हैं.

शाहरुख़ कहते हैं, '' कोई भी जगह हो जहां एक से ज्यादा लोग होंगे वहां विवाद होगा ही. लेकिन हिंदी सिनेमा जगत हर दिन किसी न किसी वजह से सुर्ख़ियों में रहता है तो ऐसा लगता है कि हम हमेशा ही लड़ते रहते हैं.''

शाहरुख़ कहते हैं कि बीस सालों के अपने करियर में उन्होंने ये सीख लिया है की जो लोग उनकी बुराइयां करते हैं उनकी ऐसी बातों का जवाब उन्हें कैसे देना है.

शाहरुख़ कहते हैं, '' जिस दिन से मैंने फिल्मो में कदम रखा है तब से ही कभी किसी ने मेरे अभिनय कि बुराई की तो कभी किसी ने मेरे बालों पर टिप्पणी की. कभी किसी ने कहा कि मैं ज्यादा दिन नहीं चलने वाला हूँ और तुक्के से मेरी एकाध फिल्म चल गई है.''

वो कहते हैं तब उन्होंने तय किया था की वो दुखी नहीं होंगे और उम्मीद नहीं छोड़ेंगे और अपनी मेहनत से दुनिया को दिखा देंगे की वो किस काबिल हैं.

शाहरुख़ खान

शाहरुख़ कहते हैं जब वो इंडस्ट्री में नए आये थे लोग उनमे कई कमियां गिनवाते थे.

शाहरुख़ कहते हैं कि यही जज़्बा, यही बात उनकी आई पी एल की टीम कोलकाता नाइट रायडर्स पर भी लागू होती है.

पिछले तीन सालों से आई पी एल में उनकी टीम का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है. शाहरुख़ कहते हैं कि जब भी उनकी टीम हारी है वो बहुत दुखी हुए हैं. कई बार तो वो कमरा बंद कर खूब रोए भी हैं. लेकिन उन्हें उम्मीद है कि इस बार उनकी टीम ज़रूर कुछ अच्छा कर दिखाएगी.

शाहरुख़ कहते हैं कि इस बार उन्होंने अपनी टीम में गौतम गंभीर और युसूफ पठान जैसे तूफानी खिलाड़ियों को शामिल किया है और इसकी वजह सिर्फ़ ये है कि ये ऐसे खिलाडी़ हैं जो दबावपूर्ण स्थिति में खेल सकते हैं और मैच जीत सकते हैं.

शाहरुख़ कहते हैं कि वो अपनी टीम में सौरव गांगुली कि कमी महसूस कर रहे हैं. उनका कहना है कि कोलकत्ता की टीम सिर्फ़ और सिर्फ़ गांगुली को ध्यान में रख कर बनाई गई थी. शाहरुख़ कहते हैं कि उन्हें अच्छा लगेगा की अगर गांगुली किसी न किसी रूप में उनकी टीम से जुड़े रहें.

शाहरुख़ चाहते हैं कि उनकी टीम अच्छा खेले क्योंकि उनकी टीम से सिर्फ़ उनकी ही नहीं बल्कि कई लोगों की उम्मीदें जुडी़ हुई हैं.

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