हिलेरी मांटेल को बुकर पुरस्कार

हिलेरी मांटेल

कुछ भारतीय मूल के लेखक भी बूकर पुरस्कार जीत चुके हैं.

ब्रितानी लेखिका हिलेरी मांटेल को उनकी पुस्तक वुल्फ हॉल के लिए वर्ष 2009 के बुकर पुरस्कार से सम्मानित किया गया है.

57 वर्षीय हिलेरी के अलावा पाँच और लेखक इस पुरस्कार के दावेदार थे जिसमें जेएम कोएत्ज़ी और सारा वाटर्स के नाम प्रमुख हैं.

पुरस्कार के तौर पर 50 हज़ार पाउंड दिए जाते हैं.

हिलेरी को वर्ष 2006 में उनके पहले उपन्यास एवरी डे इज़ मदर्स डे के लिए सीबीई सम्मान दिया गया था. एक वर्ष बाद इसी उपन्यास का सिक्वल वैकेंट पोजेशन प्रकाशित हुआ था.

1989 में हिलेरी को अपनी पुस्तक फ्लड्ड के लिए विनीफ्रेड हॉल्टबी मेमोरियल प्राइज़ मिला जबकि ए प्लेस ऑफ ग्रेटर सेफ्टी को 1993 में संडे एक्सप्रेस बुक ऑफ द ईयर सम्मान दिया गया.

हिलेरी की पुस्तकें कॉमनवेल्थ राइटर्स प्राइज़ और ऑरेंज प्राइज़ के लिए भी नामांकित हो चुकी हैं.

हिलेरी की अन्य किताबों में एट मंथ्स ऑन ग़ाज़ाह स्ट्रीट, ए चेंज ऑफ क्लाईमेट और गीविंग अप घोस्ट : ए मेमॉयर प्रमुख हैं.

बुकर पुरस्कार पहली बार 1969 में दिए गए थे और ये पुरस्कार साल की सर्वश्रेष्ठ पुस्तक ( कहानी वर्ग) को दिया जाता है.

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