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बुधवार, 12 मार्च, 2003 को 10:17 GMT तक के समाचार शोएब अख़्तर अव्वल नंबर
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शोएब सबसे तेज़ गेंदबाज़ घोषित
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पाकिस्तान के शोएब अख़्तर हों या ऑस्ट्रेलिया के ब्रेट ली, नथुने फुलाकर जब गेंद लेकर दौड़ते हैं तो बल्लेबाज़ हेलमेट की घूंघट के नीचे दुआ मांग रहे होते हैं.
लेकिन दर्शकों के लिए ये पैसा वसूल वाला मामला होता है.
वैसे शोएब के तूफ़ानी रफ़्तार वाली गेंदों को जब सचिन का बल्ला बाहर का रास्ता दिखाता है तब शोएब का लटका हुआ चेहरा भी कुछ वैसा ही मज़ा देता है.
लेकिन अब शोएब चाहें तो उस लटके हुए चेहरे पर थोड़ी मुस्कान ला सकते हैं.
उनके दुनिया के सबसे तेज़ गेंदबाज़ होने में किसी को कभी शक नहीं था अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल ने आधिकारिक रूप से उसकी पुष्टि कर दी है.
आइसीसी ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि इस वर्ल्ड कप में सबसे तेज़ गेंदों की लीग टेबल में सबसे ऊपर शोएब अख़्तर हैं और ब्रेट ली नंबर दो पर हैं.
आईसीसी ने कहा है कि केवल शोएब और ली ऐसे गेंदबाज़ हैं जिन्होंने 160 किलोमीटर प्रति घंटे से ज़्यादा की रफ़्तार से गेंद फ़ेकी है.
शोएब की सबसे तेज़ गेंद 161.3 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से इंग्लैंड के ख़िलाफ़ फेंकी गई थी और ब्रेट ली ने भी अपनी सबसे तेज़ गेंद इंग्लैंड के ही ख़िलाफ़ 160.7 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से फेंकी.
इस वर्ल्ड कप में न्यूज़ीलैंड के शेन बॉंड तेज़ गेंदबाज़ी में तीसरे नंबर पर रहे 153.4 किलोमीटर प्रति घंटे की गेंद फेंक कर और उनसे केवल 0.2 किलोमीटर प्रति घंटे पीछे रहकर वेस्ट इंडीज़ के जरमेन लॉसन नंबर चार पर रहे.
भारत की ओर से सबसे तेज़ गेंद आशीष नेहरा ने 149.7 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से फ़ेंकी और दूसरे नंबर पर रहे 147.4 किलोमीटर प्रति घंटे की गेंद फेंककर ज़हीर खान.
अमरीका में क्रिकेट
यदि अगला विश्व कप अमरीका में हो तो कैसा रहे?
अमरीका और क्रिकेट? आप सोचेंगे हमारा दिमाग फिर गया है.
लेकिन सच्चाई ये है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल इस प्रयास में है कि अगले विश्व कप के कुछ मैच अमरीका के विश्व विख्यात मनोरंजन पार्क डिस्नीलैंड में आयोजित किए जाएं.
आइसीसी के प्रवक्ता मार्क हैरिसन कहते हैं कि अगले विश्व कप का आधिकारिक मेज़बान यूं तो वेस्ट इंडीज़ है लेकिन अमरीका और वेस्ट इंडीज पास-पास हैं इसलिए कुछ मैच वहां करवाए जा सकते हैं.
और इसका मुख्य कारण ये है कि अमरीका में क्रिकेट प्रेमियों का एक बड़ा दर्शक वर्ग रहता है.
तो बस देखते रहिए. कोई बड़ी बात नहीं कि अगले विश्व कप में मिकी माउस गेंदबाज़ी करें और डोनल्ड डक छक्के लगाएँ.
उपलब्ध है.....
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 कुर्सियां खाली रहेंगी | इस विज्ञापन में केवल टेलीफ़ोन नंबर गलत है लेकिन इस तरह के विज्ञापनों से दक्षिण अफ़्रीका के अख़बारों का पर्सनल पन्ना भरा रहता है और कहना न होगा ये पन्ना काफ़ी लोकप्रिय है.
और पिछले एक सप्ताह से इन पन्नों पर जगह की मारामारी मची हुई है.
इसलिए नहीं कि अचानक दक्षिण अफ़्रीका के सेक्स उद्योग में ज़बरदस्त गर्मी आ गई है.
बल्कि इसलिए कि इन पन्नों पर एक दूसरे तरह का विज्ञापन छपने लगा है.
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दरअसल दक्षिण अफ़्रीका के सुपर सिक्स से बाहर हो जाने के बाद से उनके समर्थक अपने टिकटों को बेचने में लगे हुए हैं. और उस पन्ने से ज़्यादा सस्ती और लोकप्रिय जगह आख़िर पूरे अख़बार में उन्हें और कहां मिलती. |
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