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 क्रिकेट वर्ल्ड कप
शनिवार, 08 मार्च, 2003 को 12:26 GMT तक के समाचार
पाकिस्तानी कोच का इस्तीफ़ा
कोच पाइबस ने कहा है कि कई खिलाड़ी सीखने में रूचि नहीं रखते
कोच पाइबस ने कहा है कि कई खिलाड़ी सीखने में रूचि नहीं रखते

पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के कोच रिचर्ड पाइबस ने वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के शर्मनाक प्रदर्शन के बाद अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है और कहा है कि टीम के कई खिलाड़ी अपनी पुरानी आदतें बदलना ही नहीं चाहते.

किसी नए अनुबंध की संभावना को ठुकराते हुए कोच पाइबस ने कहा कि वो टीम के कुछ खिलाड़ियों के साथ मनमुटाव और पाकिस्तान की प्रशिक्षण व्यवस्था के कारण अपना पद छोड़ रहे हैं.


ये खिलाड़ी अपनी पुरानी आदतें नहीं छोड़ना चाहते. कुछ नया सीखने या करने के प्रति उनमें उत्साह की कमी नज़र आती है.

रिचर्ड पाइबस
बीबीसी स्पोर्ट के साथ एक ख़ास बातचीत में पाइबस ने कहा, "मैंने अपनी ओर से पूरी कोशिश की लेकिन ये काफ़ी कठिन था. कुछ खिलाड़ी सीखना चाहते थे लेकिन कुछ तो बिल्कुल ही रूचि नहीं लेते थे.''

उन्होंने कहा कि वो किसी खिलाड़ी का नाम नहीं लेना चाहेंगे लेकिन इतना अवश्य कहेंगे कि ये खिलाड़ी केवल टीम के साथ होते थे किसी योजना के तहत नहीं काम करते थे.

उनका कहना था," ये खिलाड़ी अपनी पुरानी आदतें नहीं छोड़ना चाहते. कुछ नया सीखने या करने के प्रति उनमें उत्साह की कमी नज़र आती है.''

अड़तीस वर्षीय पाइबस का कहना है कि वो अभी भी पाकिस्तानी क्रिकेट में अच्छा योगदान दे सकते हैं लेकिन अब समय आ गया है कि किसी और को मौका दिया जाए.

दक्षिण अफ़्रीका में रहने वाले पाइबस कहते हैं कि पाकिस्तानी खिलाड़ियों ने कड़ी मेहनत की थी लेकिन वो पाकिस्तान की कोचिंग व्यवस्था से निकल कर आए हैं और उसमें 'क्रांतिकारी परिवर्तन' की ज़रूरत है.

उन्होने कहा," राष्ट्रीय टीम में आए खिलाड़ी काफ़ी प्रतिभाशाली हैं लेकिन तकनीकी और मानसिक रूप से उन्हें और बेहतर रूप से तैयार होने की ज़रूरत है.''

पाइबस इस समय पाकिस्तानी क्रिकेट बोर्ड के लिए सुझावों के साथ एक रिपोर्ट तैयार करने में लगे हैं. पाकिस्तान की क्रिकेट को सुधारने के लिए उनके कुछ सुझाव:

• क्षेत्रीय टीमों के लिए पूरी तरह से प्रशिक्षित कोचों की नियुक्ति

• मानसिक शक्ति में और सुधार की ज़रूरत, विरोधियों के खेल के विश्लेषण के साथ साथ खेल जीतने की रणनीति बनाने की क्षमता का विस्तार

• बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और स्पोर्ट्स क्लीनिक की ज़रूरत

• पाकिस्तान के लिए एक राष्ट्रीय खेल संस्थान शुरू करने की आवश्यकता

• टेक्नॉलाजी का और इस्तेमाल

उन्होंने कहा है कि पाकिस्तानी खिलाड़ियों को इंग्लेंड की काउंटी लीग में भी समय गुज़ारना चाहिए.

उनका कहना है, "वसीम अकरम, वकार यूनूस और उनके पहले इमरान ख़ान ने इंग्लेंड में खेल कर बहुत कुछ सीखा.''

पाइबस ने 1999 में पाकिस्तान के सहायक कोच के रूप में काम शुरू किया और फिर बाद में ऑस्ट्रेलिया के दौरे से पहले मुख्य कोच बन गए.
लेकिन उस दौरे पर 3-0 से हारने के बाद उन्हें पद से हटा दिया गया.

बाद में उन्हें आइसीसी चैंपियंस ट्राफ़ी में पाकिस्तान के ख़राब प्रदर्शन के बाद फिर से नियुक्त किया गया.

पाइबस का कहना है कि फ़िलहाल उनका इरादा है अपनी गर्लफ़्रेंड और बेटी के साथ समय गुज़ारें.
 
 
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