
साल 2011 चीनी फ़िल्म उद्योग के लिए काफ़ी फ़ायदेमंद था
चीनी फ़िल्म उद्योग ने पिछले साल 29 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी दर्ज की और ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक मौजूदा साल में ये क़रीब बीस प्रतिशत तक रहेगी.
आर्टिसन गेटवे नामक औद्योगिक सलाहकारी संस्था के मुताबिक बीते साल चीन में सबसे ज़्यादा कमाई करने वाली फ़िल्म थी- डार्क साइड ऑफ़ द मून, जिसने क़रीब 17 करोड़ डॉलर की कमाई की.
नानजिंग नरसंहार की घटना पर बनी फ़िल्म द फ़्लॉवर्स ऑफ़ वॉर सबसे ज़्यादा कमाई करने वाली चीनी फ़िल्म थी. इस फ़िल्म में क्रिश्चियन बेल ने मुख्य भूमिका निभाई है.
आर्टिसन गेटवे को उम्मीद है कि साल 2012 में बॉक्स ऑफ़िस 250 करोड़ डॉलर की कमाई करेगा.
सिनेमाघर
चीनी फ़िल्म उद्योग के राजस्व में ये बढ़ोत्तरी बड़ी संख्या में खुल रहे सिनेमाघरों की वजह से हुई है.
आर्टिसन गेटवे का कहना है कि साल 2011 तक देश में कुल 10,500 सिनेमाघर थे, और ये संख्या 2012 के अंत तक बढ़कर 13 हज़ार तक पहुंच सकती है. इसकी तुलना में अमरीका में चालीस हज़ार सिनेमाघर हैं.
चीन में सिनेमाघरों में टिकट का औसत मूल्य 40 युआन है.
"कुल मिलाकर हम चीनी बाज़ार में घरेलू और विदेशी फ़िल्म बाज़ार में लगातार हो रही वृद्धि पर नज़र रखेंगे."
रैल्स पाउ, संस्थापक आर्टिसन गेटवे
चीन के घरेलू सिनेमाघरों में सीमित संख्या में ही हॉलीवुड फ़िल्में दिखाने की अनुमति है लेकिन अमरीकी फ़िल्मों ने यहां के दर्शकों को ज़बर्दस्त आकर्षित किया है.
आर्टिसन गेटवे के संस्थापक रैन्स पाउ का कहना है, ‘कुल मिलाकर हम चीनी बाज़ार में घरेलू और विदेशी फ़िल्म बाज़ार में लगातार हो रही वृद्धि पर नज़र रखेंगे.’
स्थानीय फ़िल्म बाज़ार में बढ़ोत्तरी द फ़्लॉवर्स ऑफ़ वॉर के रिलीज़ होने के बाद हुई थी. ये फ़िल्म 15 दिसंबर को रिलीज़ हुई थी और तब से अब तक इसने क़रीब साढ़े सात करोड़ डॉलर की कमाई की है.
जनवरी में राष्ट्रपति हू जिंताओ ने पश्चिमी प्रभाव से बचते हुए अपनी संस्कृति से संबंधित फ़िल्में बनाने की अपील की थी.























