बढ़ेगा प्यार चीन और अमरीका के बीच

 मंगलवार, 24 जनवरी, 2012 को 11:55 IST तक के समाचार
चीनी उपराष्ट्रपति शी जिंपिंग

शी जिंपिंग को उम्मीद है कि अगले महीने उनकी अमरीका यात्रा से दोंनो देशों के बीच तनाव कम होगा.


चीन के उपराष्ट्रपति शी जिंपिंग 14 फ़रवरी को वॉशिंगटन डीसी में अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा से मिलेंगे.

व्हाइट हाउस ने एक वक्तव्य में कहा कि इस बैठक में दोंनो नेता द्विपक्षीय, प्रांतीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करेंगे.

शी जिंपिंग चीन के भावी राष्ट्रपति हैं और पिछले सप्ताह उन्होंने उम्मीद जताई थी कि उनकी अमरीका यात्रा से दोंनो देशों के बीच तनाव कम होगा.

इस यात्रा में वह अमरीकी उपराष्ट्रपति जो बाइडन से भी मिलेंगे और साथ ही कैलिफ़ोर्निया और आयोवा जाएंगे.

नाज़ुक दौर से गुज़रते रिश्ते

कई सुरक्षा और आर्थिक मुद्दों के चलते अमरीका और चीन के रिश्ते काफ़ी नाज़ुक दौर से गुज़र रहे हैं.

अमरीका लगातार चीन पर उसकी मुद्रा, युआन, के अवमूल्यन के लिए दबाव डालता रहा है और जानकारों को उम्मीद है कि दोंनो नेताओं के बीच इस बैठक में राष्ट्रपति ओबामा एक बार फिर ये मुद्दा उठाएंगे.

ईरान के ख़िलाफ़ प्रतिबंधों पर सहयोग जुटाने के लिए अमरीकी वित्त मंत्री टिमोथी गाइथनर इस महीने की शुरुआत में चीन गए थे लेकिन इस मामले में उन्हें मेज़बान देश के प्रतिरोध का सामना करना पड़ा था. चीन का कहना है कि उसके और ईरान के तेल व्यापार को परमाणु मुद्दे से नहीं जोड़ा जाना चाहिए.

दूसरी ओर एशिया-प्रशांत क्षेत्र में अमरीकी मौजूदगी पर चीन चिंता जताता रहा है. साथ ही उसने अमरीका के ताइवान को हथियार बेचने पर नाराज़गी
ज़ाहिर की है. चीन का दावा है कि ताइवान उसका एक प्रांत है.

भावी नेता

माना जा रहा है कि 58-वर्षीय शी जिंपिंग इस साल के अंत में मौजूदा राष्ट्रपति हू जिंताओ की जगह कम्युनिस्ट पार्टी की अध्यक्षता संभालेंगे और अगले साल जब जिंताओ रिटायर होंगे, तब वे चीन के राष्ट्रपति बनेंगे.

जो बाइडन की अगस्त 2011 में पांच दिन की चीन यात्रा के दौरान शी जिंपिंग उनके मेज़बान थे. इस यात्रा का एक मक़सद चीन के इस भावी नेता के साथ रिश्ता स्थापित करना भी था. अमरीका का कहना है कि वो शी के बारे में बहुत कम जानता है.

उपराष्ट्रपति शी जिंपिंग की यात्रा के लिए इंतज़ाम करने के लिए पिछले सप्ताह चीन में अमरीकी राजदूत गैरी लॉक वॉशिंगटन में थे. वहां उन्होंने एक टेलिविज़न इंटरव्यू में कहा था कि अमरीकी अधिकारी "शी के बारे में ज़्यादा कुछ नहीं जानते हैं."

शी जिंपिंग ने पहली बार 1985 में एक एक्सचेंज कार्यक्रम के तहत अमरीका के आयोवा राज्य की यात्रा की थी. उस समय वे हेबेई प्रांत के एक अधिकारी थे.


गैरी लॉक का कहना था कि शी जिंपिंग की उस यात्रा के बारे में सुखद यादें हैं और वे अमरीका के कृषि क्षेत्र से परिचित हैं.

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