श्याबाओ को आज़ाद करे चीन: नोबेल विजेता

 शुक्रवार, 9 दिसंबर, 2011 को 17:04 IST तक के समाचार
ल्यू

ल्यू की आज़ादी के लिए अभियान चलाने के उद्देश्य से एक समिति भी बनाई है.

पाँच नोबेल पुरस्कार विजेताओं ने चीन से आग्रह किया है कि वो चीनी मूल के नोबोल पुरस्कार विजेता ल्यू श्याबाओ को नोबेल पुरस्कार समारोह से पहले आज़ाद कर दे.

इन पाँच नोबेल पुरस्कार विजेताओं के समूह का नेतृत्व कर रहे आर्चबिशप डेसमंड टूटू का कहना है कि ल्यू के परिवारवालों को डराकर ख़ामोश किया जा रहा है.

पिछले साल नोबेल पुरस्कार जीतने वाले ल्यू श्याबाओ चीनी सरकार की कथित आलोचना करने के आरोप में 11 साल की सज़ा काट रहे है.

चीन ल्यू को एक अपराधी मानता आई है और उन्हें नोबेल पुरस्कार दिए जाने पर भी अपनी नाराज़गी जता चुका है.

ल्यू की आज़ादी के लिए समिति

इन पाँच नोबेल विजेताओं ने ल्यू की आज़ादी के लिए अभियान चलाने के लिए एक समिति भी बनाई है.

समिति ने कहा, ''पुरस्कार मिलने के एक साल बाद ल्यू श्याबाओ चीन की एक जेल में विशम परिस्थितियों में जी रहे है. लगता है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय उनके बारे में भूल गया है.''

"पुरस्कार मिलने के एक साल बाद ल्यू शियाबाओ चीन की एक जेल में विशम परिस्थितियों में जी रहे है. लगता है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय उनके बारे में भूल गया है"

ल्यू शियाओबो की आज़ादी के लिए बनी समिति

समिति ने आगे कहा, ''समिति सोच और विचारों की आज़ादी चाहने वाले लोगों से गुज़ारिश करती है कि वह आगे आए और ल्यू की आज़ादी के लिए मदद करे.''

इस अभियान में ईरानी मानवाधिकार वकील शिरीन इबादी समेत जोडी विलियम्स, माइरियाड मैग्व्येर और बैटी विलियम्स शामिल है.

समिति में पूर्व चेक राष्ट्रपति वासलाव हैवेल भी मौजूद है.

ल्यू श्याबाओ को दिसंबर 2009 में लोगों को भड़काने का दोषी क़रार दिया गया था. उन्होने चार्टर 08 नाम का एक पत्र लिखने में मदद की थी, जिसमें चीन में और अधिक प्रजातांत्रिक हक दिये जाने की मांग की गई थी.

नोबेल समिति इस साल के पुरस्कार विजेताओं की घोषणा शनिवार को करने वाली है.

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