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सोमवार, 13 अक्तूबर, 2008 को 18:28 GMT तक के समाचार

जेट-किंगफ़िशर के बीच हुआ समझौता

भारत के उड्डयन क्षेत्र में बढ़ती हुई परेशानियों को कम करने के लिए देश की दो बड़ी निजी विमान कंपनियों जेट और किंगफ़िशर के बीच सोमवार की रात एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ है.

दुनिया भर में तेल की बढ़ती कीमतों के कारण उड्डयन क्षेत्र ख़ासी मुश्किलों से गुज़र रहा है.

जेट एयरलाइंस के मालिक नरेश गोयल के साथ बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत में किंगफ़िशर के मालिक विजय माल्या ने संवाददाताओं से कहा कि यह समझौता दोनों ही विमान सेवाओं के हित में है.

उनका कहना था, "दोनों विमान सेवाएं आर्थिक परेशानियों को समझ रही हैं और इससे हमें फ़ायदा होगा. यह समझौता दिल और दिमाग़ दोनों का है."

समझौता किस तरह का है इस बारे में अधिक जानकारी नहीं दी गई लेकिन जेट के मालिक नरेश गोयल ने साफ़ किया कि इसमें इक्विटी से जुड़ी साझेदारी नहीं होगी.

एयरलाइंस उद्योग पिछले कुछ वर्षों से अत्यंत ख़राब दौर से गुज़र रहा है और कोई भी विमान सेवा फ़ायदे में नहीं है.

जानकारों के अनुसार दोनों विमान सेवाओं को प्रतिदिन लगभग दस करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है और वो इसे कम करना चाहते हैं.

कुछ अख़बारों में आ रही रिपोर्टों के अनुसार दोनों विमान सेवाएं अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में साझेदारी कर सकती है.

इसके अलावा ग्राउंड स्टॉफ में भी दोनों के बीच समन्वय देखा जा सकता है. इतना ही नहीं दोनों ही एयरलाइनें अब घरेलू स्तर पर एक दूसरे के साथ प्रतिस्पर्धा नहीं करेंगी.

उल्लेखनीय है कि इन दोनों विमान सेवाओं के साथ आने से उन विमान कंपनियों को नुकसान हो सकता है जो कम पैसे में उड़ानें उपलब्ध कराने की कोशिश करते रहे हैं.

ऐसा इसलिए है क्योंकि माल्या और गोयल दोनों ही सस्ती उड़ानों का विरोध करते रहे हैं. इनकी साझेदारी से भारतीय उड्डयन के एक बड़े हिस्से पर उनका अधिकार भी हो जाएगा.