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सहारा ग्रुप को हजारों करोड़ लौटाने का आदेश, जाँच भी होगी

 शुक्रवार, 31 अगस्त, 2012 को 13:34 IST तक के समाचार
सुब्रत राय

उच्चतम न्यायालय का फैसला सहारा के लिए बड़ा झटका है

भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने सहारा ग्रुप को आदेश दिया है कि वो निवेशकों का 17,400 करोड़ रुपए वापस लौटा दे.

इसके लिए न्यायालय ने सहारा इंडिया रिएल इस्टेट कॉर्पोरेशन और सहारा हाउसिंग इन्वेस्टमेंट कॉर्पोरेशन को तीन महीने का समय दिया है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक अदालत ने शेयर बाज़ार पर नज़र रखनेवाली संस्था भारतीय प्रतिभूति और विनमय बोर्ड (सेबी) से भी कहा है कि वो दोनों कंपनियों की जाँच करे और निवेशकों के बारे में पता करे.

अदालत ने ये भी कहा कि सेबी की जाँच सेवानिवृत्त हो चुके न्यायाधीश बीएन अग्रवाल की देखरेख में होगी.

अदालत ने सहारा को निवेशकों को 15 प्रतिशत ब्याज भी देने को कहा है. ये दोनो कंपनियाँ शेयर बाजार का हिस्सा नहीं है.

दो करोड़ निवेशकों धन

रिपोर्टों के मुताबिक 2008 और 2011 के बीच सहारा ने करीब दो करोड़ निवेशकों से अरबों रुपए जमा किए थे.

उधर सेबी ने कहा है कि वो निवेशकों की वास्तविकता की जाँच करेगी. इस फैसले को सहारा के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है.

ये मामला जून 2011 का है जब सेबी ने सहारा से कहा था कि वो निवेशकों से निवेश लेना बंद करे क्योंकि इस पूरी व्यवस्था में नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है.

सहारा ने फिर सिक्योरिटी एपलेट ट्राइब्यूनल का रुख किया था जिसने सेबी के आदेश को बरकरार रखा.

ट्राइब्यूनल ने कहा था कि वो निवेशकों का धन छह हफ्तों में वापस करे.

सहारा ने फिर उच्चतम न्यायालय का रुख किया था.

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