सिर्फ बीज और खाद नहीं

 शुक्रवार, 13 अप्रैल, 2012 को 12:10 IST तक के समाचार
तुषार पाणिग्रही

विभिन्न पेशों से जुड़े पेचीदे सवालों का जवाब आप तक पहुंचाने के लिए हर शनिवार बीबीसी हिंदी सेवा आपकी मुलाकात ऐसे पेशेवर व्यक्तियों से करवाएगी, जिनका काम अपने ही आप में अनूठा हो.

इस कड़ी में एग्रो इंडस्ट्री में एग्ज़ेक्यूटिव तुषार पाणिग्रही से बात की बीबीसी संवाददाता सलमान रावी ने-

सबसे पहले यह बताइए कि एग्रो इंडस्ट्रीज़ में एग्जेक्यूटिव का काम क्या है? मसलन आप इस उद्योग में क्या-क्या काम करते हैं?

हमारा काम खेती से जुड़ा हुआ है. हम किसानों को खेती की नई-नई तकनीक की जानकारी देते हैं. आप देख रहे हैं कि खेतिहर ज़मीन सिकुड़ रही है. मतलब कि अगर हम नई तकनीक विकसित नहीं करते हैं तो खेती लाभदायक नहीं होगी. हम किसानों को नए बीज से लेकर खाद और बाज़ार तक की जानकारी उपलब्ध कराते हैं जिससे उन्हें लाभ हो सके.

आपका जो काम है उसके लिए कोई विशेष कोर्स किया जाता है? यह कोर्स क्या है और भारत में कहाँ-कहाँ पर होता है ?

इसके लिए बहुत सारे कोर्स हैं. ज़्यादातर यह कोर्स बारहवीं के बाद किए जाते हैं. इसमें राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर पर कई संयुक्त प्रतियोगिताएं होती हैं. राष्ट्रीय स्तर पर सीपीएटी की प्रतियोगिता होती है. उसी तरह राज्य स्तर पर पीएटी की परीक्षा होती है जिसके माध्यम से कृषि विश्वविद्यालयों में चयन होता है. इसके लिए स्नातक स्तर पर चार वर्षों का कोर्स होता है जबकि स्नातकोत्तर स्तर पर दो वर्षों का कोर्स होता है. इसमें प्रमुख रूप से बीएससी (कृषि विज्ञान) और एमएससी (कृषि विज्ञान) शामिल हैं. इसके अलावा लोग कृषि विज्ञान में पीएचडी भी करते हैं.

तो कृषि विश्वविद्यालयों में दाख़िला लेने के लिए किस तरह से तैयारी की जाती है?

छात्रों को मुख्यतः भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान और गणित की तैयारी पर ध्यान देना चाहिए. इसी के आधार पर चयन होना संभव हो पाएगा.

एग्रो इंडसट्रीज़ की भारत में मौजूदा स्थिति क्या है और इसका भविष्य कैसा है?

यह बहुत तेज़ी से बढ़ने वाला उद्योग है जहाँ रोज़गार की प्रचुर संभावनाएं हैं. यह उद्योग तेज़ी से फैल रहा है क्योंकि किसान अब बड़े पैमाने पर कृषि की नई तकनीक का उपयोग कर रहे हैं. इसकी वजह से उनकी फसल भी अच्छी हो रही है और अब कृषि उनके लिए एक लाभदायक उद्योग के रूप में उभर कर आ रहा है. इसमें सिर्फ अच्छे बीज और खाद तक चीज़ें नहीं हैं.

कृषि के लिए उपयोग में आने वाले उपक्रम और मशीनों में भी अच्छा भविष्य है. छात्र उसे भी चुन सकते हैं. इसमें अपार संभावनाएं हैं. कृषि विज्ञान में स्नातक किए हुए छात्रों के साथ-साथ रसायन और जीव विज्ञान के छात्रों के लिए भी इस उद्योग में बहुत सारी संभावनाएं है. अब इस क्षेत्र में अच्छी तनख्वाहें हैं और प्रगति भी.

कृषि पर हम सब आधारित हैं. यह बढ़ने वाला क्षेत्र है क्योंकि हम सब को रोज़ खाना चाहिए और तीनों वक़्त खाना चाहिए. इसमें अच्छी बात यह है कि प्रतियोगिता के लिए छात्र कहीं भी तैयारी कर सकते हैं. शहरों में और गाँवों में भी विज्ञान और गणित की तैयारी के लिए साधन उपलब्ध हैं.

एक चीज़ बताइए जिसके बिना एग्रो इंडसट्रीज़ में काम नहीं किया जा सकता है?

इसके लिए सबसे अहम है विज्ञान और गणित की पढ़ाई. चूँकि कृषि पूरी तरह से विज्ञान से जुड़ा हुआ विषय है इसलिए बिना जीव विज्ञान या रसायन विज्ञान पढ़े इसमें चयन मुमकिन नहीं है.

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