
ब्राज़ील लौह अयस्क, कॉफी, संतरों और अन्य कृषि उत्पादों का निर्यात करता है.
ब्राज़ील ने ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था को पछाड़ दिया है. सेंटर फॉर इकॉनॉमिक्स एंड बिज़नेस रिसर्च (सीईबीआर) की ताज़ा रिपोर्ट में ब्राज़ील दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गई है.
सीईबीआर ने अपनी ताज़ा वर्ल्ड इकॉनॉमिक लीग टेबल में दिखाया है कि एशियाई देश आगे बढ़ रहे हैं और यूरोपीय देश पिछड़ रहे हैं.
संगठन ने यह अनुमान भी जताया है कि भारत की अर्थव्यवस्था इस दशक के अंत तक दुनिया की पाँचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगी.
सीईबीआर का यह भी कहना है कि 'यदि यूरो संकट से निजात मिल जाती है तो' यूरो मुद्रा वाले देशों की अर्थव्यवस्था वर्ष 2012 में 0.6 प्रतिशत की दर से सिकुड़ जाएगी और यदि संकट का समाधान नहीं किया गया तो इन देशों की अर्थव्यवस्था में दो प्रतिशत की गिरावट आएगी.
सीईबीआर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डगलस मैकविलियम्स ने बीबीसी को बताया कि ब्राजील की अर्थव्यवस्था ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था से आगे निकल गई है.
उन्होंने कहा, "मैं समझता हूं कि यह बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में बदलाव का हिस्सा है जहां हम रुझान में न केवल पश्चिम से पूर्व की ओर बल्कि उन देशों में भी बड़ा बदलाव देख रहे हैं जो खाद्यान्न और ऊर्जा जैसी अहम चीज़ों का उत्पादन करते हैं. ये अर्थव्यवस्थाएं अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं और इकॉनॉमिक लीग की टेबल में धीरे-धीरे ऊपर चढ़ रही हैं."
'भारत पांचवें स्थान पर होगा पर..'
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने इस वर्ष की शुरुआत में प्रकाशित रिपोर्ट में कहा था कि ब्राज़ील की अर्थव्यवस्था वर्ष 2011 में ब्रिटेन से आगे निकल जाएगी.
सीईबीआर की ताज़ा वर्ल्ड इकॉनॉमिक लीग टेबल में अमरीका को पहले, चीन को दूसरे और जापान की अर्थव्यवस्था को तीसरे पायदान पर रखा गया है.
जर्मनी, फ़्रांस और ब्राज़ील क्रमश: चौथे, पांचवे और छठे स्थान पर हैं जबकि ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था को सातवें स्थान पर रखा गया है.
इसमें इटली को आठवां, रूस को नौवां और भारत की अर्थव्यवस्था को दसवां स्थान दिया गया है.
सीईबीआर ने अनुमान व्यक्त किया है कि भारत की अर्थव्यवस्था वर्ष 2020 में दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगी.























