
मर्केल को भरोसा है कि यूरोपीय देश इस संकट का हल ढूँढ़ लेंगे
जर्मनी की चांसलर एंगेला मर्केल ने उम्मीद जताई है कि यूरोपीय नेता आने वाले दिनों में यूरो मुद्रा को बचाने के लिए हरसंभव क़दम उठा लेंगे.
इस बीच रविवार को ब्रसेल्स में यूरोपीय नेताओं की बैठक हो रही है जिसमें ब्रितानी प्रधानमंत्री डेविड कैमरन भी शामिल होंगे.
इस बैठक से पहले मर्केल ने कहा कि ग्रीस के ऋण संकट की असल गहराई का अब अंदाज़ा हो रहा है.
उधर यूरोपीय बैंकों को बचाने के लिए यूरो मुद्रा वाले देशों के वित्त मंत्रियों की शनिवार को एक बैठक हुई.
रविवार सुबह यूरोपीय संघ के सभी 27 नेताओं की बैठक होगी. इसके बाद दोपहर में उन देशों के नेता मिलकर बैठेंगे जहाँ पर मुद्रा के रूप में यूरो का इस्तेमाल होता है.
इसके तीन दिन बाद इस तरह की एक बैठक और होनी है.
ये एक तरह से संकेत देता है कि अभी कितने सारे मुद्दों पर चर्चा होनी है.
यूरोपीय बैंक
यूरोपीय बैंकों को धन देने के बारे में एक समझौते पर मोटे तौर पर सहमति हो गई है मगर इस पूरी पहेली के कई पहलू अभी अनसुलझे ही हैं.
सभी ये बात मानते हैं कि इससे पहले ग्रीस को जो दूसरा राहत पैकेज दिया गया था वह पूरा नहीं था.
उसके कहीं ज़्यादा ऋण माफ़ करने होंगे, इसका मतलब हुआ कि बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों को कहीं बड़ा झटका सहना पड़ेगा.
मगर कितना बड़ा ऋण और कितना बड़ा झटका? इसे लेकर कई राय हैं.
इन सबके बीच अब गहन विचार-विमर्श चल रहा है कि यूरोज़ोन को बचाने के लिए बनाए गए कोष के धन का इस्तेमाल किस तरह हो.
इसे एक बैंक के रूप में तब्दील करने का फ़्रांसीसी प्रस्ताव ख़ारिज कर दिया गया मगर अभी कुछ अन्य प्रस्तावों पर चर्चा होनी है.
ये कोष काफ़ी अहम है क्योंकि इसके धन से इटली और स्पेन जैसे बड़े देशों को बचाना बेहद ज़रूरी होगा.
साथ ही ये भी देखना होगा कि यूरोप का मौजूदा वित्तीय संकट कहीं हाथ से बाहर न निकल जाए.























