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अफ़्रीकी देशों को ऋण देगा चीन

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चीन अफ्रीका में अपनी मौजूदगी बढाने की योजना पर काम कर रहा है

चीन के प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ ने कहा है कि चीन अफ़्रीका के ग़रीब देशों को अगले तीन वर्षों के भीतर दस अरब डॉलर का ऋण देगा.

चीन ने एक ऐसी योजना भी तैयार की है जिसके तहत वो अफ्रीका के सबसे ग़रीब देशों के ऋण भी माफ़ करेगा.

मिस्र के शर्म अल शेख़ में चल रही चीन और अफ़्रीकी देशों के सम्मेलन के शुरू होने पर चीन के प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ ने इस नयी नीति की घोषण की.

नए ऋण देने और पुराने ऋण को माफ़ करने का चीन का ये फ़ैसला ऐसे दौर में हुआ है जब पश्चिमी देशों के बैंक विदेशी बाज़ारों से हाथ खींच रहे हैं.

इन हालातों में चीन को ग़रीब अफ्रीकी देशों के साथ अपने संबंध बेहतर करने का एक अच्छा अवसर दिख रहा है.

अपनी तेज़ी से बढ़ रही अर्थव्यवस्था के लिए चीन को भी इन अफ़्रीकी देशों में पाए जाने वाले तेल, गैस और खनिज पदार्थों की ज़रूरत है.

नई योजना

वेन जियाबाओ ने ये भी कहा है की अफ़्रीका के ग़रीब देशों को प्राथमिकता के आधार पर दिए जाने वाले दस अरब डॉलर के ऋण के अलावा, पर्यावरण सुधार के लिए भी चीन 100 नई स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं के बारे में भी योजना तैयार कर रहा है.

हालांकि ग़रीब अफ़्रीकी देशों के लिए बन रही चीन की इन नई नीतियों की आलोचना भी हो रही है. कुछ आलोचकों का मत है की चीन कुछ अफ़्रीकी सरकारों के अधीन मानवाधिकार उल्लंघन की घटनाओं को नज़र अंदाज़ भी कर रहा है.

पर इन आलोचनाओं के जवाब में चीन ने लगातार यही कहा है ये प्रक्रिया एक ऐसी समझदारी भरे निवेश का हिस्सा हैं जिनसे 'ज़िम्मेदार विकास' संभव है.

चीन का ये भी कहना है की इन ग़रीब अफ़्रीकी देशों से हासिल होने वाले खनिज पदार्थों के बदले वे उन्हें धन देंगे जिससे इन देशों में सड़क, स्कूल और अस्पताल बन सकेंगे.

बीबीसी को जानिए

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