
अमरीका के दो बड़े बैंकों गोल्डमैन सैक्स और सिटीग्रुप ने जुलाई से सितंबर की तिमाही के बीच अनुमान से कहीं बड़ा मुनाफ़ा होने की घोषणा की है.
उनकी इस घोषणा को बैंकिंग क्षेत्र में आए वैश्विक संकट की समाप्ति के एक और संकेत के रूप में देखा जा रहा है.
गोल्डमैन सैक्स का शुद्ध मुनाफ़ा तीन अरब डॉलर से अधिक रहा जो कि एक साल पहले की तुलना में चार गुना अधिक है.
सिटीबैंक को पिछली तिमाही में 10 करोड़ डॉलर का मुनाफ़ा हुआ है.
सिटीबैंक का मुनाफ़ा बढ़ा है मगर उसका मुनाफ़ा गोल्डमैन सैक्स की तुलना में कम रहा है जो ये दर्शाता है कि बैंक अभी भी मंदी से पूरी तरह उबरा नहीं है.
सिटीबैंक का कारोबार बहुत कुछ साधारण उपभोक्ताओं से जुड़ा रहा है और उसकी संपत्ति में बहुत सारे ऐसे कर्ज़ हैं जिनके डूबने का ख़तरा बना रहा है.
अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कर्ज़ों के लेन-देन की स्थिति सुधर रही है लेकिन अमरीकी उपभोक्ताओं के कर्ज़ का माहौल चुनौतीपूर्ण बना हुआ है.
विक्रम पंडित, मुख्य कार्यकारी, सिटीबैंक
वहीं गोल्डमैन सैक्स का साधारण उपभोक्ताओं से उतना संबंध नहीं है क्योंकि ये बैंक निवेश बैंकिंग करता है और वह शेयर कारोबार के अलावा कंपनियों के विलय में सहायता करता है.
सिटीग्रुप के 34 प्रतिशत हिस्से का स्वामित्व अमरीका सरकार के पास है और कर्ज़ का संकट शुरू होने के बाद से बैंक की 100 अरब डॉलर से अधिक की संपत्ति डूब चुकी है.
सिटीबैंक के मुख्य कार्यकारी का कहना है कि स्थिति सुधर रही है लेकिन अमरीका में अभी अनिश्चितता बनी हुई है.
विक्रम पंडित ने कहा,"अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कर्ज़ों के लेन-देन की स्थिति सुधर रही है लेकिन अमरीकी उपभोक्ताओं के कर्ज़ का माहौल चुनौतीपूर्ण बना हुआ है."
गोल्डमैन सैक्स और सिटीग्रुप के मुनाफ़ों की घोषणा से एक दिन पहले एक और अमरीकी बैंक – जे पी मॉर्गन चेज़ – ने भी अनुमान से कहीं अधिक मुनाफ़े की घोषणा की थी.
अमरीका के दूसरे बड़े बैंक जे पी मॉर्गन चेज़ ने पिछली तिमाही में तीन अरब 60 करोड़ की कमाई की.
अब इसके बाद इस शुक्रवार को बैंक ऑफ़ अमरीका अपने तिमाही नतीजों का एलान करनेवाला है और इसके बाद अगले सप्ताह 21 अक्तूबर को एक और अमरीकी बैंक मॉर्गन स्टैनली के नतीजे भी सामने आएँगे.















