Advertisement

सार्वजनिक उपक्रमों का निजीकरण नहीं

वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने इन बातों का खंडन किया है कि भारत सरकार सार्वजनिक क्षेत्रों के उपक्रमों का निजीकरण करने की कोशिश कर रही है.

उन्होंने कोच्ची में एक समारोह के दौरान कहा कि केंद्र सरकार की नीति सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों ( पीएसयू) को मज़बूत करने की है न कि उन्हें कमज़ोर बनाने की.

वे कोच्ची में भारतीय राष्ट्रीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस के 29वें अधिवेशन में बोल रहे थे.

प्रणब मुखर्जी ने कहा कि कांग्रेस के घोषणापत्र में सरकार ने अपनी नीति स्पष्ट की है और लोक सभा के अधिवेशन में राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने भी इसे दोहराया था.

मिसाल देते हुए उन्होंने कि इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन ने हाल ही में अपने पांच फ़ीसदी हिस्सेदारी का विनिवेश किया है जिसके बाद उसकी मार्केट वैल्यू 124 प्रतिशत बढ़ गई है लेकिन इन शेयरों को ओएनजीसी और सार्वजनिक क्षेत्र की अन्य कंपनियों ने ही खरीदा है.

वित्र मंत्री ने घाटे में चली रहे उद्योगों में जान फूँकने को लेकर सुझाव भी माँगे.

बीबीसी को जानिए

यदि आप अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करते हुए इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरूप कर लें तो आप इस पेज को ठीक तरह से देख सकेंगे. अपने मौजूदा ब्राउज़र की मदद से यदि आप इस पेज की सामग्री देख भी पा रहे हैं तो भी इस पेज को पूरा नहीं देख सकेंगे. कृपया अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करने या फिर संभव हो तो इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरुप बनाने पर विचार करें.