
विश्व बाज़ार में माँग घटने के कारण निर्यात में कमी आई है.
जुलाई में भारत से होने वाले निर्यात में पिछले साल के इसी महीने के मुक़ाबले 28 फ़ीसदी की भारी गिरावट आई है.
भारत से निर्यात लगातार दस महीनें से गिर रहा है.
इसका एक बड़ा कारण ये है कि आर्थिक सुस्ती के दौर से गुजर रहे देशों में सामानों की माँग घटी है.
जुलाई महीने में भारत से 13 अरब 60 करोड़ डॉलर मूल्य की वस्तुओं और सामानों का निर्यात हुआ.
हालांकि भारत में भी माँग में गिरावट आई है क्योंकि इसी महीने दुनिया के अन्य देशों से भारत में होने वाला आयात भी 37 फ़ीसदी गिरा है.
पिछले हफ़्ते ही भारत सरकार ने विदेश व्यापार नीति घोषित करते हुए निर्यातकों के लिए कई सुविधाओं की घोषणा की थी.
इसके तहत निर्यातकों को करों में छूट और आसानी से कर्ज़ देने की व्यवस्था की गई है.
मिला-जुला रुख़
निर्यात में गिरावट के ताज़ा आँकड़े इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही के जीडीपी आँकड़े जारी होने के एक दिन बाद सामने आए हैं.
केंद्रीय सांख्यिकी संगठन के मुताबिक अप्रैल से जून के बीच भारत का आर्थिक विकास दर 6.1 फ़ीसदी रही जो इसी साल जनवरी से मार्च के बीच के आँकड़ों से बेहतर है.
हालाँकि मंगलवार को एक अन्य अध्ययन रिपोर्ट से पता चलता है कि अगस्त महीने में मैनुफैक्चरिंग क्षेत्र की गति पिछले पाँच महीनों में सबसे कम रही.
एचएसबीसी बैंक से जुड़े आर्थिक जानकार रॉबर्ट प्रायर वांडेसफ़ोर्ड का कहना है कि आने वाले समय में स्थितियाँ बेहतर हो सकती है क्योंकि सरकार ने जो आर्थिक प्रोत्साहन पैकेज दिए हैं, उनका असर पूरी तरह दिखना बाक़ी है.













