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'भारत की विकास दर 5.1 फ़ीसदी रहेगी'

कार निर्माण

मंदी से मैनुफैक्चरिंग बुरी तरह प्रभावित हुआ है

विश्व बैंक ने भारत की आर्थिक विकास दर वर्ष 2009 में 5.1 फ़ीसदी और वर्ष 2010 में आठ फ़ीसदी रहने का अनुमान जताया है.

उल्लेखनीय है कि विश्व बैंक ने इस साल मार्च में जारी अपनी रिपोर्ट में भारत की विकास दर वर्ष 2009 में चार फ़ीसदी और वर्ष 2010 में सात फ़ीसदी रहने का अनुमान लगाया था.

ताज़ा रिपोर्ट में उसने चीन की अर्थव्यवस्था 2009 में 7.2 और वर्ष 2010 में 7.7 प्रतिशत की दर से वृद्धि करने की बात कही है.

विश्व बैंक ने दुनिया की विकास दर में 2.9 प्रतिशत की गिरावट का अनुमान लगाया है जबकि इससे पहले उसने विश्व अर्थव्यवस्था में 3.0 प्रतिशत तक गिरावट का अनुमान था.

साथ ही विश्व बैंक ने चेतावनी दी है कि मौजूदा वित्तीय संकट दुनिया के ग़रीब देशों के लिए एक मानवीय संकट बन सकता है.

विश्व बैंक का कहना है कि विकासशील देशों की आर्थिक विकास दर भारत और चीन पर निर्भर है.

इन दोनों देशों को इसमें से हटा देने पर उनकी विकास दर शून्य से भी नीचे चली जाएगी.

इसके अलावा बैंक ने कहा है कि विकासशील देशों में होने वाले निवेश के संसाधनों में ज़बरदस्त कमी आ सकती है.

बैंक का कहना है कि कई ऐसे बैंक और कंपनियाँ हैं जो विकासशील देशों में विकास को बढ़ावा देते थीं लेकिन वे ख़ुद मंदी का शिकार हो गईं हैं.

उसका मानना कि मंदी से उबरने में विकासशील देशों की प्रमुख भूमिका हो सकती है.

बीबीसी को जानिए

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