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बुधवार, 08 अक्तूबर, 2003 को 11:59 GMT तक के समाचार अब जर्मनी में बना 'मैनगार्डन'
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ख़रीददारी का राह आसान करने की कोशिश
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पश्चिमी देशों में अधिकांश पति अपनी पत्नियों अथवा महिला मित्रों के साथ ख़रीददारी करने को एक जटिल काम मानते हैं.
इस दौरान उन्हें अक्सर बड़बड़ाते सुना जा सकता है.
लेकिन जर्मनी के शहर हैमबर्ग में इसका रास्ता ढूढ़ निकाला गया है.
किंडरगार्डन की तरह मैनगार्डन का विचार उनके पास एक महिला ग्राहक से आया | | एलेक्सेंडर स्टेन | वहाँ एक विशेष स्थान बनाया गया है जिसमें पुरुषों को बीयर, गर्मा-गर्म भोजन, टीवी पर फ़ुटबॉल और अन्य खेल दिखाने की व्यवस्था की गई है ताकि आदमी न झल्लाएँ और इस दौरान उनकी पत्नियाँ और महिला मित्र आराम से ख़रीददारी कर सकें.
नॉक्स बार के एलेक्सेंडर स्टेन का कहना था, " महिलाओं को उनके पतियों को छोड़ने पर एक रसीद जारी की जाती है और ख़रीददारी के बाद वे उन्हें वापस ले जा सकती हैं."
उनका कहना था, "किंडरगार्डन की तरह मैनगार्डन का विचार मेरे पास एक महिला ग्राहक से आया."
महिला का कहना था कि यदि उसके पति को व्यस्त रखा जाए तो वो शांति के साथ ख़रीददारी कर सकती है.
एलेक्सेंडर स्टेन का कहना था, "उस महिला को ख़रीददारी करना बड़ा तनावपूर्ण लगता था और उसके ख़्याल में इस समस्या का यह एक समाधान था."
इसके लिए प्रति व्यक्ति 10 यूरो लिए जाते हैं और इसमें उन्हें कुछ गेम, घर में सुधार करने की कोचिंग, खाना, दो बीयर और टीवी पर फ़ुटबॉल दिखाई जाती है.
उनका कहना था कि पहले पुरुषों को खेलने के लिए रिमोट कंट्रोल कार दी गई थी और बाद में उन्हें मिनी रेसट्रेक जैसे अन्य खेल दिए गए.
'मैनगार्डन' के शुरू होते ही पहले सप्ताह इसमें 20 लोग आए और उसके बाद से ये संख्या लगातार बढ़ रही है.
शुरुआत में लोगों ने इसे लेकर आशंकित थे लेकिन कुछेक ने माना कि जूते की दुकान पर बैठने से यहाँ बैठना बेहतर है. |
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इंटरनेट लिंक्स
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नॉक्स बार |
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